प्रयागराज, कैंसर से पीड़ित एक अध्यापिका के स्थानांतरण के अनुरोध पर विचार नहीं करने के पीछे दिए गए स्पष्टीकरण से असंतुष्ट इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के सचिव को अगली तिथि पर पेश होने का निर्देश दिया है।
इससे पूर्व, अदालत ने अध्यापिका के स्थानांतरण के प्रतिवेदन को खारिज करने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव के आचरण को लेकर नाखुशी जाहिर की थी, जबकि अदालत ने अध्यापिका के मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का निर्देश दिया था।
न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने शाहजहांपुर में कार्यरत अध्यापिका कल्पना शर्मा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बृहस्पतिवार को यह आदेश पारित किया। स्तन कैंसर से पीड़ित याचिकाकर्ता ने अपना स्थानांतरण गाजियाबाद करने का अनुरोध किया था क्योंकि वह वर्तमान में गाजियाबाद के मैक्स कैंसर सेंटर में कीमोथेरेपी ले रही है।
इससे पूर्व तिथि पर अदालत ने कहा था, “यह बहुत ही चौकाने वाली बात है कि अधिकारियों ने याचिकाकर्ता के मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के बजाय तकनीकी आधार पर उसका अनुरोध ठुकरा दिया।”
स्थानांतरण का अनुरोध ठुकराने के पीछे यह आधार दिया गया कि जिस विद्यालय में याचिकाकर्ता कार्यरत हैं वहां केवल दो अध्यापक हैं और राज्य सरकार की नीति के मुताबिक, यदि एक विद्यालय में 36 विद्यार्थी हैं तो वहां तीन अध्यापक होने आवश्यक हैं।
इस आधार पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए पीठ ने कहा कि अदालत हर दिन ऐसे अनेक मामले सुन रही है जहां बड़ी संख्या में संस्थानों में 36 से अधिक विद्यार्थी हैं और केवल एक अध्यापक कार्यरत है।
अदालत ने कहा, “यह अदालत इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है जैसा कि बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव द्वारा उक्त हलफनामे में दिया गया है।




