अयोध्या, सरकारी नौकरी के लिए बच्चे पढ़ने से लेकर परीक्षा देने तक मारे – मारे फिर रहें हैं और जब किसी तरह से होनहार बच्चे पढ़ लिखकर सरकारी नौकरी पा भी जाते हैं तो उनके डाक्यूमेंट्स सत्यापन और अन्य कागज के लिए सरकारी कर्मचारी उनके साथ शोषण की सारी हदें पार कर देते हैं ।
ताज़ा मामला ग्राम धमौरा मजरे जखौली तहसील रूदौली निवासी आशाराम यादव का है जिनके पुत्र का चयन पिछले 2 माह पूर्व भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र चेन्नई में हुआ था। ज्वाइनिंग के बाद उसी बच्चे का चयन अब रेलवे में लोको पायलेट पद पर हो गया है।
जिसके जाति प्रमाण पत्र का सत्यापन जखौली में तैनात लेखपाल विक्रम प्रसाद द्वारा करना था परन्तु उन्होंने इसी तहसील से जारी पूर्व के जाति प्रमाण पत्र को मानने से इंकार कर दिया। जिसके कारण थकहार कर आवेदक नें पुनः आवेदन किया है।
धमौरा निवासी आशाराम यादव नें उप जिलाधिकारी रुदौली को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि लेखपाल विक्रम प्रसाद अनुचित लाभ के लिए यह सब कर रहे है।




