बलिया में विद्यालय से घर लौट रहे एक प्रधानाध्यापक की लूटपाट के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
रसड़ा क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक आलोक गुप्ता ने संवाददाताओं को बताया कि शुक्रवार रात उभांव थाना क्षेत्र में पुलिस जांच के दौरान मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्ध आते दिखे। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन वे भागने लगे।
उन्होंने बताया कि पुलिस के पीछा करने पर आरोपियों ने पुलिस पर गोली चल दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक गोली मोहन सिंह के दाहिने पैर में लग गई, जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया। हालांकि, उसका साथी विकास सोनकर मौके से फरार हो गया जिसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस उपाधीक्षक ने बताया, ‘‘पूछताछ में मोहन सिंह ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 16 सितंबर को उभांव थाना क्षेत्र में एक महिला अध्यापिका राधिका वर्मा के गले से सोने की चेन छीनी थी और उसी दिन प्रधानाध्यापक देवेंद्र प्रताप यादव और महिला अध्यापिका कंचन सिंह से भी लूटपाट की थी। लूट का विरोध करने पर उसने यादव को गोली मार दी थी।
पुलिस ने बताया कि बलिया जिले के बिल्थरारोड कस्बे के यादव नगर निवासी देवेंद्र यादव (57) मंगलवार को देवरिया जिले के सरकारी कंपोजिट विद्यालय में आयोजित एक संकुल बैठक में शामिल होने के बाद उसी स्कूल की सहायक अध्यापिका कंचन सिंह के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। तभी साहुनपुर गांव के समीप मोटरसाइकिल सवार तीन अपराधियों ने उनकी सोने की चेन छीन ली।
उसने बताया कि विरोध करने पर अपराधियों ने देवेंद्र यादव को गोली मार दी और बाद में अस्पताल में यादव की मौत हो गई।


