कुशीनगर जिले के खड्डा क्षेत्र में एक हिंदू लड़के का धर्म बदलकर उसे मदरसे में पढ़ाने के आरोप में एक मौलवी को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार जिले के हनुमानगंज थाना क्षेत्र के मंसाछापर का निवासी महेंद्र कुशवाहा वर्ष 2015 में एक युवती के साथ बलात्कार करने के मामले में जेल चला गया था। उसकी पत्नी राबड़ी देवी बेटे विपिन के बीमार पड़ने पर उसे खड्डा क्षेत्र के ग्राम कोहरगड्डी स्थित एक मदरसे में मौलवी से झाड़-फूंक कराने ले गयी। झाड़-फूंक के बाद विपिन मदरसे में आने जाने लगा और मदरसे में ही पढ़ने लगा। इस दौरान मदरसे के बगल में रहने वाली एक लड़की से उसकी नजदीकी बढ़ी और वह वहीं पर रहने लगा।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक 10 साल बाद जेल से छूटने के बाद महेंद्र अपने घर पहुंचा और पत्नी से विपिन के बारे में पूछा। पत्नी ने विपिन को गोरखपुर में पढ़ाई करने की बात बताई लेकिन रविवार को महेंद्र को विपिन के गोरखपुर नहीं बल्कि कोहरगड्डी स्थित एक मदरसे में पढ़ने की बात का पता चला तो वह नाराज हो गया और उसने सोमवार को कोहरगड्डी पहुंच जमकर हंगामा किया।
सूत्रों ने बताया कि हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महेंद्र तथा विपिन को थाने ले गई। पुलिस की जांच में मौलवी पर विपिन को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करने का मामला सामने आया। विपिन की मां राबड़ी देवी ने पुलिस से की गई शिकायत में आरोप लगाया है कि कोहरगड्डी मदरसे के प्रधानाचार्य मुजीब उर्रहमान ने उनकी आर्थिक स्थिति का लाभ उठाकर बेटे का धर्म परिवर्तन कराया और उसका नाम नूर आलम रख कर उसे मदरसे में रख लिया। शिकायत के अनुसार, बेटे को वापस मांगने पर मुजीब उर्रहमान ने धक्का-मुक्की व गाली-गलौज की तथा जान से मारने की धमकी भी दी।
सूत्रों ने बताया कि इस मामले पर पुलिस ने खड्डा थाने में सोमवार आठ सितंबर को उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर अभियुक्त मुजीब उर्रहमान को गिरफ्तार कर लिया है।


