अयोध्या, बंदिशो के चलते “अयोध्या” हर दिन सिसकती नजर आ रही है। अयोध्या से मेलों की रौनक गायब हो गई । सावन माह में कांवरियों से पटी रहने वाली अयोध्या में बीते दिनों एक अजब सी खामोशी दिखाई पड़ी। अयोध्या वासी दबी जुबान से कहते हैं बंदिशे तो हमारी नियत बन गई है ।
प्रशासनिक हनक के चलते अब तो अयोध्यावासी अयोध्या में रहने के लिए खुद को कोसते हैं। वहीं अब दूसरी तरफ फैजाबाद शहर के लोग खास तौर पर गुप्तार घाट जाना ज्यादा पसंद करते थे अब उनकी खुशियों पर भी अयोध्या विकास प्राधिकरण पहरा लगाने का काम शुरू कर दिया है।
शहरवासियों को अब गुप्तारघाट जाने लिए 40 रुपए देने के बाद ही एंट्री मिल सकेगी। शहर वासी परेशान हैं कि उनकी खुशियों पर एक के बाद एक बंदिशें क्यों? लोगों की हंसी ठिठोली से हमेशा गुलजार रहने वाले इस घाट में आजकल सन्नाटा है? अब आप अपनी गाड़ी अपने परिवार को लेकर गुप्तारघाट नहीं जा सकते आपको रोक दिया जाएगा। आपको कहा जाएगा कि हम कवच एजेंसी के लोग हैं पहले टैक्स दो तब जाने देंगे या फिर कहीं और गाड़ी ले जाओ, यहां तक आपको पैदल आना पड़ेगा। अभी तक यह कवच एजेंसी गुप्तार घाट में बने पार्क का ही पैसा लेती थी और वहां मौजूद पार्किंग का पैसा लेती थी।
अयोध्या में बाहर से आई तमाम कंपनियों के लोगों नें अब कमाई का नया जरिया खोज लिया है। अब हमें अपने गुप्तार घाट में जाने के लिए बाहर की कंपनियों के गुर्गो से इजाजत लेनी होगी। गाड़ियों के रोक दिए जाने से स्थानीय दुकानदारों को भारी निराशा और नुकसान है।
घाट पर लोगों को भारी कीमत पर दुकान तो एलाट कर दिया प्राधिकरण ने लेकिन आधा दर्जन दुकाने भी नहीं खुल पाई।
इस नए फरमान से अब आप गुप्तार घाट किसी भी तरफ से नहीं पहुंच सकते आपको बैरिकेडिंग मिल जाएगी रास्ता बंद मिलेगा। इन बैरिकेडिंग पर बैठे लोग न कोई वर्दी धारी हैं ना ही कोई विभागीय आदमी। अयोध्या में राम मंदिर का इलाका हो या यह घाट बंदिशों और इतनी ज्यादतियों से लोग रोज परेशान हो रहे हैं। इसकी जानकारी आधिकारिक रूप से नहीं मिल पाई है लेकिन कई दिनों से बैरिकेटिंग लगाई गईं है।


