लखनऊ, प्रदेश में पुरानी कारों और बाइकों के मालिक अब अपनी 50 साल से अधिक पुरानी और मूल स्थिति में रखी गई कारों को ‘विंटेज’ श्रेणी में पंजीकृत करा सकते हैं। एसओपी के अनुमोदन के बाद यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
अधिकारियों ने सोमवार को यहां कहा कि इस कदम से इन वाहनों के विरासत मूल्य को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।
यह सुविधा केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के प्रावधानों के तहत शुरू की गई है। विंटेज पंजीकरण के लिए एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विचाराधीन है और अनुमोदन के बाद इसे लागू किया जाएगा।
उप्र के परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने एक बयान में कहा, ‘‘नागरिकों की सुविधा और नियमों का अनुपालन हमारी प्राथमिकता है। विंटेज पंजीकरण दैनिक या व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं है, इसका उद्देश्य वाहन के मूल तकनीकी विन्यास को संरक्षित रखना और व्यवस्थित रिकॉर्ड रखना है।”
उन्होंने कहा कि यह सेवा सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के नियमों के अनुसार संचालित है और अंतिम एसओपी लागू होने के बाद अद्यतन निर्देश जारी किए जाएंगे। तब तक, शुल्क, पात्रता और प्रक्रिया केंद्रीय अधिसूचना के अनुसार ही रहेंगी।
केंद्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार, विंटेज वाहनों को दोपहिया (एल1/एल2) या चार पहिया (एम1) वाहनों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है जो पहली बिक्री के बाद पहले पंजीकरण की तारीख से 50 वर्ष से अधिक पुराने हैं और ‘चेसिस’, बॉडी शेल या इंजन में किसी भी बड़े बदलाव के बिना अपने मूल स्वरूप में बने रहते हैं। ट्रैक्टर जैसे अन्य वाहन इस श्रेणी में नहीं आते हैं।


