अयोध्या के पूर्व राजपरिवार के वंशज एवं राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का शनिवार रात लगभग 11 बजे निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। मिश्र 75 वर्ष के थे। उनके छोटे भाई शैलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्र ने पत्रकारों से मिश्र के निधन की पुष्टि की।
बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने अपने निवास ‘राज सदन’ में अंतिम सांस ली। उनके निधन से अयोध्या में शोक की लहर है। कुछ महीने पहले पैर में चोट लगने के कारण उनकी सर्जरी हुई थी, जिसके बाद उनकी गतिविधियां सीमित हो गई थीं और वह फिर कभी सामान्य जीवन नहीं जी पाए।
राजा विमलेंद्र प्रताप मोहन मिश्र का अंतिम संस्कार आज सायं 04 बजे सरयू तट पर किया जाएगा। विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र को अयोध्या के लोग राजा साहब के रूप में जानते थे और वे अयोध्या रामायण मेला संरक्षक समिति के सदस्य भी थे।
बता दें कि, विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने 2009 के लोकसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर फैजाबाद संसदीय सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अयोध्या राजवंश के राजा दर्शन सिंह की वंशावली से जुडी कड़ी में स्वर्गीय महारानी विमला देवी के दो पुत्र विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र और शैलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र हुए।
विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के बड़े होने के कारण उन्हें इस राजवंश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला और उन्हें राजा अयोध्या के रूप में जाना जाने लगा। विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के बेटे यतींद्र मोहन प्रताप मिश्र ख्यातिलब्ध साहित्यकार हैं।


