अमेरिकी मुल्क के फाइटर जेट का काम अपने मुल्क की सुरक्षा करना है। लेकिन ब्रिटिश संसद में सरकार से पूछा जा रहा है कि क्या इस फाइटर जेट की संवेदनशील तकनीक सुरक्षित बची है? भारत में पिछले 20 दिन से खड़े दुनिया के सबसे आधुनिक फाइटर जेट में से एक एफ 35 तमाम कोशिशों के बावजूद उड़ान नहीं भर पा रहा है।
दुनिया में ब्रिटेन और इस फाइटर जेट को बनाने वाली अमेरिकी कंपनी का अब मीम भी बनना शुरू हो गया है। विमान 14 जून को भारत में लैंड हुआ था और अभी तक केरल में ही है।
ये विमान यूके के युद्धपोत एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स के साथ अरब सागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास में भाग ले रहा था। लेकिन फ्यूल समस्या के कारण इसे अचानक भारत में लैंड करवाना पड़ा। इसकी इमरजेंसी लैंडिंग के बाद दुनियाभर में इसकी चर्चा हुई।
मरम्मत की तमाम कोशिशें नाकाम होने के बाद जेट के कुछ हिस्सों को खोलकर सी-17 ग्लोबमास्टर जैसे विशाल विमान से ले जाए जाने की तैयारी की खबरें हैं। दरअसल, 40 सदस्यीय ब्रिटिश इंजीनियरिंग टीम विशेष उपकरणों के साथ इसे ठीक करने में विफल रही।
हालांकि एफ 35 बी को डिस्मेंटल करना और सी-17 ग्लोबमास्टर में लोड करना एक जटिल और संवेदनशील प्रक्रिया है।
अब केरल टूरिजम ने इसका इस्तेमाल अपने प्रचार के लिए किया है। केरल टूरिजम के आधिकारिक एक्स हँडल से एक पोस्ट की गई है। इसमें F-35 बी की फोटो पोस्ट की है और लिखा है कि केरल ऐसी डेस्टिनेशन है जिसे आप कभी छोड़ना नहीं चाहेंगे।
इसमें एफ-35 को कहते दिखाया है कि केरल इतनी अमेजिंग जगह है कि मैं यहां से जाना नहीं चाहता। 14 जून की रात करीब 9:30 बजे तिरुवनंतपुरम में ब्रिटेन का F-35 उतरा। इस जेट ने ब्रिटिश एयरक्राफ्ट कैरियर HMS प्रिंस ऑफ वेल्स से उड़ान भरी थी।


