वाराणसी में सारनाथ क्षेत्र के पचकोशी स्थित पैगंबरपुर इलाके में बृहस्पतिवार शाम अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि पटाखा कारोबारी राजू खान का मकान भरभराकर ढह गया।
मलबे में राजू खान और उसके परिवार के करीब छह लोगों के दबे होने की सूचना मिली। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग दहशत में आ गए।
घटना की सूचना मिलते ही सारनाथ पुलिस, फायर ब्रिगेड और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम मौके पर पहुंच गई। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। बचाए गए लोगों को अस्पताल पहुंचाने की सूचना है। शाम 5:40 बजे तक राजू खान की मां मलबे में दबी हुई थीं। उन्हें बाहर निकालने के लिए बचाव दल सर्च ऑपरेशन चला रहा था।
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उत्तर प्रदेश-वाराणसी में पटाखा फैक्ट्री में भयानक विस्फोट हुआ है. पूरी इमारत भरभराकर गिर पड़ी है. कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है. SDRF और पुलिस ने 2 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है. मौके पर NDRF बुलाई गयी है. pic.twitter.com/ybtnGIqwtH
— Narendra Pratap (@hindipatrakar) October 15, 2026
विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राजू खान के मकान के बगल में स्थित दूसरे मकान का बाहरी हिस्सा भी ढह गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। मकान में पटाखे मौजूद होने और दोबारा विस्फोट की आशंका को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य के दौरान विशेष सतर्कता बरती जा रही थी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मकान में पटाखे बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरी इमारत ढह गई। हालांकि, विस्फोट किस वजह से हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
बताया गया कि राजू खान करीब 25 वर्षों से पैगंबरपुर इलाके में रह रहा था। उसके मकान के पीछे उसके बड़े भाई सलीम का घर है। दोनों भाई पटाखों के कारोबार से जुड़े बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियां पटाखा निर्माण की गतिविधियों, विस्फोट के कारणों और सुरक्षा मानकों की जांच में जुट गईं।
हादसे में कितने लोग घायल हुए और मकान में मौजूद सभी लोगों की स्थिति क्या है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। फिलहाल, बचाव दल का ध्यान मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालने पर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पटाखा फैक्टरी किस तरह संचालित हो रही थी और विस्फोट के पीछे क्या वजह रही।