लखनऊ, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की पूर्व अधिकारी दिव्या मित्तल ने बृहस्पतिवार को ‘जन नीति भारत’ नाम से एक नई राजनीतिक पार्टी के गठन की घोषणा की और कहा कि उनकी पार्टी 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगी।
मित्तल ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि उनकी पार्टी नीति निर्माण की प्रक्रिया में आम लोगों को केंद्र में रखेगी और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि सरकार अपने पांच साल के कार्यकाल के दौरान लगातार जनता के प्रति जवाबदेह बनी रहे, न कि केवल चुनाव के समय।
पार्टी के नाम और आगामी विधानसभा चुनाव में भाग लेने के फैसले की घोषणा करते हुए मित्तल ने कहा, ‘‘राजनीति आप पर शासन करती है। जन नीति में, आप ही वे होंगे जो शासन करेंगे।’’
मित्तल ने कहा कि राजनीति में प्रवेश करने संबंधी उनकी पिछली अपील पर प्रतिक्रिया अत्यंत उत्साहजनक रही, क्योंकि उन्होंने जो फोन नंबर साझा किया था, उस पर बहुत-से लोगों ने संदेश भेजे थे।
नई पार्टी के पीछे के तर्क को समझाते हुए मित्तल ने कहा, ‘‘समस्या दलों की कमी नहीं है, समस्या यह है कि लोगों की आवाज नहीं सुनी जाती। कुछ लोगों की सुनी जाती है, लेकिन सभी की नहीं।
मित्तल ने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था के विपरीत, जिसमें विधायक अक्सर सरकार और जनता के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाते हैं, ‘जन नीति भारत’ के प्रतिनिधियों को नागरिकों के प्रति जवाबदेह रहना होगा।
मित्तल ने कहा, ‘राजनीतिक दल भले ही एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते दिखें, लेकिन वे निर्णय-निर्माण को आम लोगों के हाथों से दूर रखने पर सहमत हैं।
उन्होंने बताया कि ‘जन नीति भारत’ के पास बड़े पैमाने पर विज्ञापन देने के लिए पैसे नहीं हैं, इसके बजाय वे घर-घर जाकर प्रचार करेंगे, जहां हर घर एक कार्यालय की तरह होगा और हर समर्थक एक प्रचारक की भूमिका निभाएगा।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उन्हें अपने गांवों और कस्बों में बुलाएं, उनके संदेश को कम से कम तीन अन्य लोगों तक पहुंचाएं और ‘राजनीति नहीं, जन नीति’ के नारे का प्रचार करें।
मित्तल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), बेंगलुरु की छात्रा रह चुकी हैं। उन्होंने 13 साल के करियर के बाद 30 अगस्त को भारतीय प्रशासनिक सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी।
इसके बाद उन्होंने 29 सितंबर को राजनीति में प्रवेश करने की घोषणा की थी। नई पार्टी के गठन के साथ ही मित्तल ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी नई पारी शुरू करने का ऐलान किया है।
उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में जनता को केंद्र में रखकर नीतियां बनाने और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने के मुद्दों पर ध्यान देगी।