काकामिगाहारा, मौजूदा ओलंपिक कांस्य पदक विजेता भारत ने शनिवार को यहां मलेशिया को 5-1 से करारी शिकस्त देकर एशियाई खेलों में पुरुष हॉकी का अपना स्वर्ण बरकरार रखा और इस जीत से 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफिकेशन भी सुनिश्चित हो गया।
आठ बार के ओलंपिक चैंपियन भारत ने देश की हॉकी के इतिहास में एक नया अध्याय लिखते हुए एशियाई खेलों का अपना पांचवां स्वर्ण पदक भी जीता। टीम ने पहली बार लगातार दूसरी बार स्वर्ण हासिल किया।
#AsianGames2026 के फाइनल में मलेशिया को 5-1 से करारी शिकस्त देकर स्वर्ण पदक जीतने और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर भारतीय पुरुष हॉकी टीम को बहुत-बहुत बधाई।💐
मैदान पर आपके इस शानदार प्रदर्शन और स्वर्णिम सफलता पर संपूर्ण भारतवर्ष को गर्व है।
जय हिंद! 🇮🇳… pic.twitter.com/KzlKVsmjei
— Aditi Singh (@AditiSinghRBL) October 3, 2026
भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक शुरुआत की और पहले क्वार्टर में ज्यादातर खेल मलेशियाई हिस्से में रहा।
भारत ने कप्तान हरमनप्रीत सिंह (11वें, 57वें मिनट) और जुगराज सिंह (23वें) के जरिए तीन पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला जबकि उप-कप्तान हार्दिक सिंह ने 42वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक से गोल किया और शिलानंद लकड़ा ने 54वें मिनट में मैदानी गोल करके औपचारिकताएं पूरी कीं।
मलेशिया का एकमात्र गोल शेलो सिल्वरियस ने 14वें मिनट मेंकिया। मलेशिया ने रजत पदक हासिल किया जबकि पाकिस्तान ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर कांस्य पदक जीता।
एशियाई खेलों में यह भारतीय हॉकी के लिए दोहरी खुशी रही क्योंकि महिला टीम ने शुक्रवार को मौजूदा ओलंपिक रजत पदक विजेता और गत चैंपियन चीन को 1-0 से 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीता।