एटा के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह जिला समन्वयक से हर आंगनबाड़ी केंद्र से 10 हजार रुपये की व्यवस्था कराने की बात कहते हुए दिख रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वीडियो सामने आने के बाद सीडीओ नागेंद्र नारायण मिश्रा को निलंबित कर दिया है।
बताया जा रहा है कि वीडियो में जिला समन्वयक संजीव पचौरी के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों से धनराशि जुटाने को लेकर चर्चा हो रही है।
यूपी – एटा जिले के CDO नागेंद्र नारायण मिश्रा सस्पेंड कर दिए गए हैं !!
एक वीडियो में वो हर आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री से 10 हजार रुपये की व्यवस्था कराने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं।@hindipatrakar pic.twitter.com/xXtksxxw21
— Sachin Gupta (@SachinGuptaUP) March 10, 2026
सूत्रों के अनुसार, जिला समन्वयक ने इस मांग को मानने से कथित तौर पर इनकार कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन तक इस मामले की जानकारी पहुंची।
जिलाधिकारी कार्यालय से जब इस संबंध में प्रतिक्रिया मांगी गई तो अधिकारियों ने कहा कि वायरल वीडियो के संबंध में वही व्यक्ति अधिक जानकारी दे सकता है जिसने इसे सोशल मीडिया पर डाला है।
इस मामले पर मौर्य ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “एटा के मुख्य विकास अधिकारी नागेंद्र नारायण मिश्रा द्वारा कथित रूप से रिश्वत मांगने का वीडियो वायरल होने के मामले में उनके विरुद्ध नियम के तहत विभागीय कार्यवाही शुरु की गई है और उन्हें निलंबित कर दिया गया है।”
वहीं मिश्रा ने वायरल वीडियो को भ्रामक बताते हुए कहा कि वीडियो में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। मिश्रा ने कहा कि उन्होंने किसी से भी किसी प्रकार की धनराशि नहीं मांगी।










