मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज लोक भवन में हुई कैबिनेट बैठक में 31 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 30 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। अब प्रॉपर्टी बेचने वाले की पहचान खतौनी से सत्यापित की जाएगी।
स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग बिना मालिकाना हक की जांच किए रजिस्ट्रेशन नहीं करेगा। साथ ही सर्किल रेट के आधार पर ही स्टाम्प शुल्क लगेगा और नगर निगम क्षेत्र में दो प्रतिशत अतिरिक्त विकास शुल्क भी लिया जाएगा।
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत प्रदेश की लगभग 59 हजार ग्राम सभाओं को बस सेवा से जोड़ा जाएगा। योजना में निजी बसों को अनुबंधित किया जाएगा और उन पर परिवहन विभाग का टैक्स नहीं लगेगा।
इसके अलावा ओला-उबर जैसी एग्रीगेटर टैक्सी सेवाओं के लिए भी नए नियम तय किए गए हैं। अब इन्हें पंजीयन विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा और लाइसेंस के लिए पांच लाख रुपये शुल्क देना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, मेडिकल और वेरिफिकेशन के टैक्सी संचालन की अनुमति नहीं होगी। हालांकि यह नियम ऑटो और टू-व्हीलर सेवाओं पर लागू नहीं होगा।
वहीं, कैबिनेट ने जनपद अयोध्या में मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना के तहत स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए सदर तहसील के वशिष्ठ कुंड स्थित नजूल भूमि को नगर निगम अयोध्या को निशुल्क हस्तांतरण करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 6.50 लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर 9 लाख रुपये कर दिया गया है।
वहीं कांशीराम योजना के तहत बने आवासों से अनधिकृत कब्जेदारों को हटाकर उनकी रंगाई-पुताई कराई जाएगी और इसके बाद उन आवासों को अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के परिवारों को आवंटित किया जाएगा।
इसके अलावा कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया है कि कर्मचारी और सरकारी कर्मी अपनी चल और अचल संपत्ति की घोषणा हर वर्ष करेंगे। यदि किसी कर्मचारी द्वारा 6 महीने के मूल वेतन से अधिक का निवेश या संपत्ति आहरण किया जाता है तो उसकी जांच की जाएगी और जांच में कोई दोष पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।










