ऑस्ट्रेलिया में वेडरबर्न एयरपोर्ट के पास दो छोटे विमानों की हवा में टक्कर होने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में एक विमान पूरी तरह क्रैश हो गया, जिससे उसके पायलट की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरा विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बावजूद साहसिक प्रयासों से सुरक्षित लैंड कराने में सफल रहा। यह घटना ऑस्ट्रेलिया के एविएशन समुदाय और एयर सेफ्टी विशेषज्ञों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा फॉर्मेशन फ्लाइट के दौरान हुआ। फॉर्मेशन फ्लाइट वह स्थिति होती है जब दो या अधिक विमान एक निश्चित दूरी और पैटर्न में एक साथ उड़ते हैं। प्रशिक्षण या शो की तैयारी के दौरान इस तरह की उड़ानों का अभ्यास किया जाता है। इसी प्रशिक्षण के दौरान दोनों विमान अचानक इतने करीब आ गए कि पायलटों के पास टक्कर टालने के लिए पर्याप्त समय नहीं बच सका। देखते ही देखते दोनों विमानों के पंख आपस में टकरा गए और हादसा हो गया।
टक्कर के तुरंत बाद पहला विमान नियंत्रण खो बैठा और कुछ ही सेकंड में नीचे गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि क्रैश के बाद विमान एक ओर झुक गया और फिर तेज आवाज के साथ जमीन से टकरा गया। इस विमान के पायलट की मौत की पुष्टि घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों ने कर दी। बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर पायलट को निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
दूसरी ओर, दूसरा विमान भी हवा में क्षतिग्रस्त हो चुका था। उसके पंख और ढांचे के कई हिस्से टकराव से खराब हो गए थे। इसके बावजूद, उस विमान के पायलट ने असाधारण शांतचित्तता और कौशल दिखाते हुए विमान को संभाला और सुरक्षित लैंड कराया। लैंडिंग के बाद पायलट को तत्काल मेडिकल सुविधा दी गई, हालांकि वह फिलहाल सुरक्षित बताया जा रहा है।
वेडरबर्न एयरपोर्ट और उसके आसपास का क्षेत्र इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों के घेरे में आ गया। एयर ट्रैफिक कंट्रोल, स्थानीय पुलिस और एविएशन सेफ्टी ब्यूरो ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है। टक्कर के तकनीकी कारणों की जांच के लिए ब्लैक बॉक्स, रडार डेटा और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए जा रहे हैं। प्राथमिक अनुमान है कि उड़ान के दौरान गलत संचार, दूरी का गलत आकलन, या अचानक हवा के दबाव में बदलाव जैसी वजहें इस हादसे का कारण हो सकती हैं।




