अवध विश्वविद्यालय में शिक्षकों के बीच मारपीट की घटना सामने आई है, जिसमें दो शिक्षक समरेंद्र सिंह और प्रितेश पांडेय शामिल थे। दोनों शिक्षक लहूलुहान हो गए और उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। यह घटना इंजीनियरिंग कॉलेज के इलेक्ट्रिकल विभाग में हुई।
इससे पहले भी विश्वविद्यालय में शिक्षकों और छात्रों के बीच मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले साल सितंबर में छात्रों के दो गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर मारपीट हुई थी। इसके अलावा, अक्टूबर 2024 में शिक्षकों का धरना प्रदर्शन भी हुआ था, जिसमें पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे पवन ने समर्थन दिया था।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन ऐसी खबरें हैं कि दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले, विश्वविद्यालय में अनियमितताओं के खिलाफ कुलपति ने सख्त निर्देश दिए थे और 75% उपस्थिति अनिवार्य कर दी थी।
अब देखना यह होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और शिक्षकों के बीच तनाव को कैसे कम किया जाता है। शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संयुक्त शिक्षक संघनर्ष मोर्चा का गठन किया गया है, जो उनकी मांगों को लेकर आवाज उठा रहा है


