अहमदाबाद के सरकारी सिविल अस्पताल में डाक्टरों ने ऑपरेशन करके सात वर्षीय एक लड़के के पेट से बालों का गुच्छा और जूते का फीता निकाला। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि लड़के की पहले पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के एक निजी अस्पताल में सर्जरी हुई थी लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली।
डॉ. जोशी ने बताया कि अहमदाबाद के अस्पताल में भर्ती होने के बाद शुभम का ‘सीटी स्कैन’ और ‘एंडोस्कोपी’ कराई गई जिसमें उसके पेट में बालों का एक गुच्छा और जूते का फीता दिखाई दिया।
अस्पताल के शिशु रोग विभाग के प्रमुख डॉ. जोशी ने कहा, ‘‘सिविल अस्पताल के चिकित्सकों की एक टीम द्वारा की गई जटिल ‘लैपरोटॉमी’ के जरिए गांठ (गुच्छे) को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया। सर्जरी के सातवें दिन डाई टेस्ट से पुष्टि हुई कि पेट में कोई अवशेष नहीं बचा है।
अधिकारी ने बताया कि मनोचिकित्सक ने लड़के को परामर्श दिया ताकि वह भविष्य में ऐसी चीजें निगलने की आदत छोड़ दे। उन्होंने बताया कि शुभम की हालत में सुधार हुआ और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डॉ. जोशी ने बताया कि बच्चे को ‘ट्राइकोबेजोअर’ नाम की बीमारी थी जो एक दुर्लभ बीमारी है और इसमें निगले गए बाल पेट में उलझकर एक गांठ (गुच्छा) बना लेते हैं।
उन्होंने बताया कि इसके लक्षणों में पेट में दर्द या सूजन, मतली या उल्टी, भूख की कमी, वजन में कमी और कब्ज शामिल हैं।


