लखनऊ, उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने मंगलवार को वाहन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए 2017 और 2021 के बीच जारी किए गए गैर-कर ई-चालान रद्द कर दिये।
परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने इस पहल को कानूनी रूप से सुदृढ़ और नागरिकों के लिये फायदेमंद बताया है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह निर्णय कानूनी व्यवस्था के दायरे में है और पारदर्शी प्रशासन का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य नागरिकों को एक सुचारू, सुरक्षित और सम्मानजनक सेवा अनुभव प्रदान करना है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर इसका शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।
सिंह ने बताया कि इन चालानों से जुड़ी सभी बाधाएं जैसे कि फिटनेस प्रमाणपत्रों का नवीनीकरण, परमिट जारी करना, वाहन स्थानांतरण और उच्च सुरक्षा पंजीकरण प्लेट (एचएसआरपी) खुद ही दूर हो जाएंगी। हालांकि कर से जुड़े चालान इस राहत के दायरे में नहीं आएंगे।
विभाग के अनुसार, पूरी प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद वाहन मालिक पोर्टल पर अपने चालान की स्थिति देख सकेंगे।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 और 2021 के बीच 30.52 लाख चालान जारी किये गये थे जिनमें से 17.59 लाख का निपटारा हो चुका है। वहीं, 12.93 लाख अब भी लंबित हैं। इनमें से 10.84 लाख अदालत में और 1.29 लाख कार्यालय स्तर पर लम्बित हैं।
नयी पहल के तहत इन लंबित चालानों का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर डिजिटल रूप से किया जाएगा। आदेश के अनुसार केवल 31 दिसंबर, 2021 तक अदालत में लंबित चालान ही निरस्त किए जाएंगे।


