अयोध्या, रूदौली कोतवाली क्षेत्र में रात में हुई तेज बारिश के साथ आए तेज आंधी तूफान के कहर से एक महिला की टिन शेड गिरने से दबकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
सैकड़ों पेड़ व विधुत पोल एक नीम का पेड़ गिरने से चार घर दबकर तबाह हो गए जिसमें एक महिला को चोटें आई हैं।
रूदौली कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत आसुमऊ निवासी आसाराम व पत्नी सुरज कला घर के सामने टिन शेड के नीचे लेटे सो रहे थे। तभी रात करीब दो बजे आए तेज आंधी तूफान से पड़ोसी रामबहादुर यादव के घर की छत पर रखा टिन शेड आकर आशाराम के टिन शेड पर गिरा जिससे दोनों टिन शेड के नीचे सूरज कला पत्नी आशाराम यादव 55 वर्ष दब गई और चारा मशीन के बगल सो रहे आशाराम यादव बालबाल बच गए उसी में रखी मोटरसाइकिल दबकर क्षतिग्रस्त हो गई।

टिन शेड के नीचे महिला के दबने की खबर सुनते ही परिजनों, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सहित ग्रामीणों की काफी भीड़ लग गई।ग्रामीणों ने टिन शेड हटवाकर दबी महिला को बाहर निकाला तबतक महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो चुकी थी।
घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंचे प्रधान प्रतिनिधि बब्लू यादव ने घटना की सूचना रुदौली पुलिस को दी। घटना की सूचना मिलते ही रूदौली कोतवाल सजंय मौर्या तत्काल पुलिस बल के साथ पहुंचे और मृतक महिला के शव को निकलवाया।
वहीं घटना की सूचना मिलते ही रूदौली विधायक रामचंद्र यादव मृतका के घर पहुंचे।मृतक के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की।
विधायक ने एसडीएम रुदौली से फोन पर बातकर मृतका के परिवार को सरकारी आवास सहित अन्य सरकारी लाभ दिलाने को कहा और विधायक ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।कोतवाल संजय मौर्या ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि ज़िले पर सूचना भेजी गई है।मृतक आश्रित को चार लाख रुपये की सहायता के अतिरिक्त अन्य सहायता प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुराना नीम का पेड़ गिरा छप्पर के चार घर दबकर हुए तबाह, एक महिला हुई चोटिल
बारिश के साथ तेज आंधी तूफान के तांडव में आसुमऊ गांव में एक काफी पुराना नीम का पेड़ गिर गया जिसकी जद में आकर घास फूस व छ्प्पर का घर बनाकर रह रहे चार गरीब परिवारों राम उजागिर,चन्द्रिका, रामचन्दर,बन्धु व रूबी पत्नी छोटू का घास फूस घर दबकर तबाह हो गया जिसमें रूबी पत्नी छोटू को हल्की चोंटे भी आई हैं।
आशुमऊ गांव में आंधी तूफान में सैकड़ों पेड़ धराशाही हो गए और दर्जनो विद्युत पोल पर पेड़ गिरने के कारण टूट गए जिनमे कुछ जगहों पर लगे 11 हज़ार वोल्ट के ट्रांसफार्मर सहित पोल टूटकर गिर गए जिससे क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था भी चरमरा गई है।


