अयोध्या, रूदौली नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रमज़ान के तीसरे जुमा की नमाज़ अकीदत व एहतराम के साथ सपंन्न हो गई। इस दौरान पुलिस सतर्क रही।
रमजानुल मुबारक के पाक महीने के तीसरे जुमा की नमाज अदा करने के लिए मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जुमा की नमाज अदा करने के लिए नमाजियों के मस्जिदों में आने का सिलसिला साढ़े ग्यारह बजे से ही शुरू हो गया। हजारों रोजेदारों ने जुमा की नमाज अदा करके मुल्क की तरक्की, खुशहाली, सलामती व अमन चैन की दुआएं मांगी।
पवित्र माह रमजान माह का दूसरा मगफिरत का अशरा चल रहा है। जिसमें अल्लाह अपने बंदों के गुनाहों को माफ करता है इस अशरे में कसरत के साथ अपने गुनाहों से तौबा व इस्तिगफार किया जाता है और अल्लाह ताला से मगफिरत के लिए खुसुसी दुआ की जाती है और बिना किसी गुनाह के यानी बुराई से बचते हुए रोजे में अल्लाह की इबादत की जाती है और माफी मांगते हुए मगफिरत तलब की जाती है।
रमज़ान के तीसरे अशरे में मिलती है जहन्नम से आज़ादी
रमजान बेशुमार बरकतों वाला है महीना है। इस महीने में रोजे़दारों पर अल्लाह तआला की बेशुमार रहमतें बरसती हैं और गुनाहों से माफी मिलती है। 21वां रोज़ा से शुरू होकर आखिरी रोज़े तक चलेगा।
यह तीसरा अशरा जो जहन्नम की आग से आज़ादी का है। इस अशरे में अल्लाह अपने बंदों को जहन्नम की आग से बचाता है। इस अशरे में रोज़े,कुरआन पाक की कसरत से तिलावत करने और दुआ की अधिक ताकीद की जाती है।
इस महीने का तीसरा अशरा शनिवार को 21वें रोजे़ से शुरू होगा जो ईद का चांद दिखाई देने तक जारी रहता है। इसमें इबादत करने से जहन्नम से आजा़दी मिलती है।तीसरे अशरे की शुरूआत के साथ ही मस्जिदों और घरों में एतिकाफ़ का सिलसिला शुरू हो गया और तीसरे अशरे में शब-ए-क़द्र भी आएगी शबे क़द्र की रात हजा़र महीनों की रातों से बेहतर है। कु़रान शरीफ़ भी शबे क़द्र को नाज़िल हुआ।
रमजा़न के तीसरे अशरे में ही फ़ितरा और ज़कात भी अदा करना जरूरी है जिसे ईद की नमाज़ से पहले जरूरतमंद लोगों को अदा करने का हुक्म है। जुम्मे की नमाज के दौरान मस्जिद के इमामों ने मुल्क की तरक्की खुशहाली, अमन शांति व आपसी भाई चारे की दुआएं मांगी गई।
जुमे की नमाज को लेकर सीओ रुदौली आशीष निगम,कोतवाल रुदौली सजंय मौर्या पुलिस फोर्स के साथ भर्मण शील रहे, उसके अलावा सभी चौकी प्रभारी अपने अपने क्षेत्रों में पुलिस बल के साथ मजबूती से डटे रहे।


