अयोध्या, रामायण मेला समिति एवं भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के बीच एमओयू {समझौता} मणिराम दास छावनी में किया गया।अगले तीन वर्षों के लिए समझौता हुआ।
दोनों संस्थान मिलकर रामायण की महत्ता को विभिन्न कला रूपों जैसे संगीत, नृत्य, नाट्य और साहित्य के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। रामायण के संदर्भ में शोध कार्य को प्रोत्साहित करने के लिए दोनों संस्थान इस दिशा में अनुसंधानकर्ताओं को आवश्यक मार्गदर्शन व सहयोग प्रदान करेंगे।
संयुक्त रूप से रामायण व संबंधित विषयों पर गुणवत्तापूर्ण शोध पत्रिका का प्रकाशन, रामायण को रंगमंच संगीत नृत्य और साहित्य के माध्यम से विभिन्न आयामों में प्रस्तुत करना होगा। सामान्य रुचि के क्षेत्र में संयुक्त रूप से अध्ययन कार्यशाला व गोष्ठी के आयोजन समिति सुनिश्चित किए जाएंगे ।
अयोध्या में श्री राम सेंटर दिल्ली की तर्ज पर अयोध्या में श्री रामलला केंद्र की स्थापना की जाएगी। जिससे पर्यटकों के लिए रंगमंच के माध्यम से आकर्षण का केंद्र विकसित होगा।
अयोध्या एवं अवध की विलुप्त हो रही लोक कला, लोक नृत्य, लोकगीत, लोक संस्कार एवं लोक परंपराओं का संरक्षण एवं संकलन हेतु संयुक्त रूप से प्रयास किया जाएगा।
अयोध्या में आयोजित होने वाले प्रमुख धार्मिक व सांस्कृतिक उत्सवों का एक कैलेंडर जारी करने हेतु प्रयास किया जाएगा ।
अयोध्या में आयोजित होने वाले रामलीला को विश्व स्तरीय मंच पर प्रस्तुति हेतु विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हुए आईसीसी व संगीत नाट्य अकादमी आदि के माध्यम से भारत के विभिन्न देशों के मंचों पर प्रदर्शन हेतु प्रयास किया जाएगा।
शिक्षक एवं छात्र विकास हेतु संयुक्त रूप से विभिन्न कलाओं के माध्यम से कौशल विकास एवं मानवीय मूल्यों के अवसर सुनिश्चित किए जाएंगे।
रामायण मेला समिति के तरफ से कार्यकारी महामंत्री कमलेश सिंह एवं भातखंडे संस्कृत विश्वविद्यालय की कुल सचिव सृष्टि धवन ने समझौता हस्ताक्षर किया।
भातखंडे संस्कृत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर मांडवी सिंह ने हस्ताक्षर कापी को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र एवं रामायण मेला समिति के अध्यक्ष श्री महंत नृत्य गोपाल दास को सौपा एवं महंत गिरीश पति त्रिपाठी (महापौर ) ने एक कॉपी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर मांडवी सिंह को प्रदान किया।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपत राय ने बताया कि यह करार अयोध्या के विकास में मिल का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि 200 km के क्षेत्र में जितने भी विद्यालय एवं विश्वविद्यालय हों उनको एकत्रितं कर शोध परक पत्रिका का प्रकाश कर विद्वानों के विचार पत्रिका में शामिल कर उसको प्रचारित एवं प्रसारित किया जाय ।
भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति ने कहा कि पूरी दुनिया की निगाहें अयोध्या की तरफ देख रही हैं, शोध परक एवं प्रमाणिक प्रपत्रों की मांग है, केंद्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश के सरकार की मंशानुसार अयोध्या को विश्व पटल पर ले जाने के लिए भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय एवं रामायण मेला समिति का यह समझौता अयोध्या को नई दिशा प्रदान करेगा ।
अयोध्या नगर के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि समझौते में सबसे प्रमुख बिंदु यह है कि अयोध्या में श्री राम सेंटर श्री राम भारतीय कला केंद्र दिल्ली के तर्ज पर अयोध्या में एक श्री राम लला केंद्र की स्थापना किया जाना है। जिसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
अयोध्या में आने वाले तीर्थ यात्रियों को दो से तीन घंटे का एक मंच प्रदान किया जाए जो पर्यटन के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि होगी।
वहीं नगर विधायक श्री वेद गुप्ता ने बताया कि इसमें प्रमुख बिंदु यह है कि अयोध्या में अवध की विलुप्त हो रही लोक कला लोक नृत्य लोकगीत लोक संस्कार एवं लोक परंपराओं का संरक्षण किया जाएगा एवं यह नितांत आवश्यक भी है, जो इस कार्य के बाद पूर्ण होता हुआ दिखाई दे रहा है। इन सभी कार्यों को पूर्ण करने में समिति के साथ हर संभव प्रयास किया जाएगा ।
जगतगुरु रामदिनेशाचार्य ने बताया कि यह करार अयोध्या के साधु संतों में उत्सव उत्पन्न करने का सराहनीय कदम है ।
कार्यक्रम में भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलसचिव सृष्टि धवन एवं रामायण मेला समिति के महामंत्री कमलेश सिंह, एस एन सिंह ,शिवेश्वर पति त्रिपाठी (शरद जी ), श्री निवास शास्त्री , सरदार सुरिंदर सिंह (नीटू), उमेश श्रीवास्तव एवं आशीष मिश्र समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


