भारतीय रिजर्व बैंक यानि आरबीआई ने एक और बैंक पर बड़ा एक्शन लिया है। आरबीआई ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर स्थित पूर्वांचल सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। बैंक ने पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं होने की वजह से यह फैसला लिया है। आरबीआई के इस फैसले के बाद अब पूर्वांचल सहकारी बैंक के खाता धारक पैसा नहीं निकाल पाएंगे।
आरबीआई ने विवरण देते हुए कहा कि सहकारी बैंक अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति के साथ अपने वर्तमान जमाकर्ताओं को पूरा भुगतान करने में असमर्थ होगा। आरबीआई ने कहा है कि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं हैं। ऐसे में अगर बैंक को अपने बैंकिंग कारोबार को आगे भी जारी रखने की अनुमति दी गई तो सार्वजनिक हित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
लाइसेंस रद्द करने के परिणामस्वरूप पूर्वांचल सहकारी बैंक को ‘बैंकिंग’ व्यवसाय करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसमें अन्य बातों के अलावा, जमा स्वीकार करना और जमा का पुनर्भुगतान शामिल है। आरबीआई ने यह भी बताया कि डीआईसीजीसी (30 मई, 2024 तक) ने बैंक के संबंधित जमाकर्ताओं से प्राप्त इच्छा के आधार पर कुल बीमाकृत जमा का 12।63 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया है।
बता दें कि पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की स्थापना 1989 में हुई थी। इस बैंक की जिला मुख्यालय पर मुख्य शाखा, शास्त्री नगर, कचहरी, महराजगंज, जंगीपुर, सैदपुर, शहीद नगर में शाखा बताई जाती हैं। आरबीआई की जांच में अधिकारियों को गंभीर वित्तीय अनियमितता मिली थी। जबकि उसके पहले आरबीआई पूर्वांचल को-ऑपरेटिव बैंक की सभी शाखाओं पर जमा एवं निकासी पर रोक लगी थी। इसके अलावा आरबीआई (RBI) ने नियमों का पालन नहीं करने को लेकर सोनाली बैंक पीएलसी पर 96।40 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई है।
सेंट्रल बैंक पर 1.45 करोड़ रुपये का जुर्माना
नियमों का पालन नहीं करने पर आरबीआई ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (CBI) पर 1।45 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों ही बैंकों ने लोन देने के नियमों और केवाईसी से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया। इस कारण उन पर यह जुर्माना लगाया गया है।
पहली गलती यह है कि उन्होंने एक कंपनी को सरकार से मिलने वाली सब्सिडी के भरोसे पर वर्किंग कैपिटल लोन दे दिया। दूसरी गलती यह है कि कुछ ग्राहकों के अकाउंट में जहाँ अनऑथराइज इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन हुए थे, वहां बैंक तय समय में पैसा वापस जमा करने में कामयाब नहीं हो सका।


