हाथरस शहर के अलीगढ़ रोड स्थित तहसील सदर में तैनात राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को 20 मार्च को उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) आगरा की टीम ने 15000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार कानूनगो को टीम अपने साथ आगरा ले गई। विजिलेंस की गई कार्रवाई से पूरे दिन तहसील सदर के अधिकारी व कर्मचारियों में खलबली मची रही।
कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव पुराकलां निवासी मुनेश कुमार व उनके भाइयों की गांव मौजा पुरा कलां स्थित भूमि की पैमाइश को लेकर चल रहा है। जब यह मामला अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा तो अधिकारियों ने भूमि की मेड़बंदी की पैमाइश कराने के आदेश दिए। मेड़बंदी के लिए तहसील सदर में तैनात राजस्व निरीक्षक योगेंद्र गौतम किसान से रिश्वत में 30 हजार रुपये मांग रहा था। पिछले दिनों किसान ने 15 हजार रुपये राजस्व निरीक्षक को दे भी दिए। किसान ने इसकी लिखित में शिकायत पुलिस अधीक्षक उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) आगरा से की थी।
शिकायतकर्ता ने शिकायत में कहा था कि राजस्व निरीक्षक योगेंद्र गौतम द्वारा कार्य के बदले में 15 हजार हजार रुपये की और मांग की जा रही है। राजस्व निरीक्षक ने पैसे लेने के लिए 20 मार्च को किसान को तहसील सदर स्थित अपने कार्यालय में बुलाया। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) आगरा की टीम तहसील सदर कार्यालय पहुंच गई। राजस्व निरीक्षक को गिरफ्तार करने के लिए विजिलेंस ने अपना जाल बिछाया। टीम ने योगेंद्र गौतम को किसान से 15000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार राजस्व निरीक्षक को टीम अपने साथ आगरा ले गई। विजिलेंस ने थाने में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।


