लखनऊ, भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश से संजय सेठ को अपना आठवां प्रत्याशी घोषित किया जिसके बाद उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
सेठ ने भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा अन्य मंत्रियों की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया।
इससे पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने आज पार्टी कार्यालय में पूर्व राज्यसभा सदस्य संजय सेठ को उच्च सदन के लिए पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया।
भाजपा अध्यक्ष चौधरी ने दावा किया कि पार्टी के आठों प्रत्याशी चुनाव जीतेंगे ।
चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘विधानसभा में हमारे पास दो तिहाई से अधिक बहुमत है और कई लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किए गए कार्यों से प्रभावित हैं।’’
समाजवादी पार्टी (सपा) से 2019 में भाजपा में शामिल हुए सेठ ने संवाददाताओं से कहा ‘‘हम प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों के साथ हैं।
भाजपा के सात प्रत्याशियों ने बुधवार को नामांकन दाखिल किया था। सपा के तीन उम्मीदवारों का मंगलवार को नामांकन दाखिल हुआ था ।
उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 252, सपा के 108 और कांग्रेस के दो सदस्य हैं। सपा और कांग्रेस राज्य में विपक्षी दल हैं और लोकसभा चुनाव में भाजपा का मुकाबला करने के लिए विपक्षी पार्टियों के गठबंधन में भागीदार भी हैं।
सदन में भाजपा के सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के 13 जबकि निषाद पार्टी के छह सदस्य हैं। रालोद के नौ, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के छह, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के दो और बसपा का एक सदस्य है।
उप्र में राज्यसभा प्रत्याशी को जीतने के लिये 37 वोट चाहिए।
सपा की, सिराथू से विधायक पल्लवी पटेल ने पार्टी की तरफ से घोषित किए गए प्रत्याशियों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने राज्यसभा के प्रत्याशियों के चयन में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए सपा प्रत्याशियों को वोट न देने का ऐलान किया है।
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 15 फरवरी है। मतदान 27 फरवरी को होगा और नतीजे उसी दिन घोषित किए जाएंगे।


