नयी दिल्ली, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आठ लाख रुपये की रिश्वत के मामले में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), लखनऊ के एक सहायक भविष्य निधि आयुक्त और एक प्रवर्तन अधिकारी को गिरफ्तार किया है।
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि मंगलवार देर रात चलाए गए अभियान में एक बिचौलिए को भी गिरफ्तार किया गया।
सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘लखनऊ में चार स्थानों पर आरोपियों के आधिकारिक और आवासीय परिसरों की तलाशी ली जा रही है।’’
प्रवक्ता ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ शिकायत मिली थी कि उन्होंने एक सलाहकार और गिरफ्तार बिचौलिए के माध्यम से ‘श्रमशक्ति की आपूर्ति में लगी एक निजी कंपनी पर अनुचित तरीके से कर नहीं लगाने के वास्ते’’ कथित तौर पर 12 लाख रुपये की मांग की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘सूचना का सत्यापन किया गया और जाल बिछाया गया। आरोपी प्रवर्तन अधिकारी और बिचौलिए को आठ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।’’
प्रवक्ता ने कहा कि रिश्वत कथित तौर पर सहायक भविष्य निधि आयुक्त, ईपीएफओ, लखनऊ के लिए थी जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘गिरफ्तार आरोपियों को लखनऊ में सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जाएगा।

