नयी दिल्ली, सरकार ने नए विमान नियम अधिसूचित किए हैं। इनके तहत विमान टिकट बुक करते समय एयरलाइन कंपनियों को यात्रियों को टिकट रद्द करने के शुल्क सहित विभिन्न मदों में लगने वाले शुल्क का पूरा ब्योरा देना होगा।
भारतीय वायुयान नियम, 2026 के तहत किसी ‘असाधारण स्थिति’ में नागर विमानन मंत्रालय हवाई किराये के मामले में हस्तक्षेप भी कर सकता है। ये नियम 31 अक्टूबर को अधिसूचित किए गए थे।
हालांकि, नियमों में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन परिस्थितियों को ‘असाधारण स्थिति’ माना जाएगा। ये नियम भारतीय वायुयान विधेयक, 2024 के तहत बनाए गए हैं, जिसने 90 साल पुराने विमान अधिनियम, 1934 का स्थान लिया था।
नए नियमों के अनुसार, एयरलाइन कंपनियों को अपनी टिकट बुकिंग वेबसाइट और जारी किए गए टिकट पर हवाई किराये तथा उससे जुड़े शुल्क का पूरा ब्योरा देना होगा।
इसमें कुल राशि के साथ किराया, कर, शुल्क, टिकट रद्द कराने पर लगने वाला शुल्क, रिफंड की शर्तें और अन्य शुल्क (यदि कोई हों) अलग-अलग बताने होंगे। एयरलाइन कंपनियों द्वारा तय किए गए किराये की निगरानी नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) करेगा।
नियमों में कहा गया, ‘‘यदि केंद्र सरकार की राय में कोई असाधारण स्थिति उत्पन्न होती है, तो वह जनहित में आवश्यक और उचित समझे जाने वाले निर्देश लिखित आदेश के जरिये जारी कर सकती है।
ये नियम एक जनवरी, 2027 से लागू होंगे और विमान नियम, 1937 का स्थान लेंगे। हालांकि, मौजूदा नियमों की तुलना में नए नियमों में किए गए विशिष्ट बदलावों का तत्काल पता नहीं चल सका।