अयोध्या, रामनगरी अयोध्या में 7 नवंबर को होने वाला दसवां दीपोत्सव इस बार आस्था के साथ सियासी हलचल के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पहली बार दीपोत्सव में शामिल होने की संभावना है। भाजपा की दो दिवसीय कार्यसमिति की बैठक के बाद प्रस्तावित उनका अयोध्या दौरा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा प्रदेश के सभी 18 प्रशासनिक मंडलों में अमित शाह की रैलियों और जनसभाओं के जरिए संगठन को मजबूत करने की तैयारी कर रही है। इस अभियान की शुरुआत अयोध्या से होने और दीपोत्सव के मंच से शाह के जनसभा को संबोधित करने की भी संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, उनके कार्यक्रम और संबोधन को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। इस रणनीति में युवाओं और नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने पर भी जोर बताया जा रहा है।
इधर, दीपोत्सव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राम की पैड़ी सहित सरयू तट के 56 घाटों पर 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। अवध विश्वविद्यालय के करीब 35 हजार स्वयंसेवक दीप प्रज्ज्वलन की व्यवस्था संभालेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 अक्टूबर को तैयारियों की समीक्षा कर चुके हैं। आयोजन के दौरान देशभर से आए कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
धर्मपथ पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से रंगोलियां तैयार किए जाने की योजना है। स्वयंसेवकों को नाम, फोटो, मोबाइल नंबर और तैनाती स्थल की जानकारी वाले क्यूआर कोड पहचान पत्र दिए जाएंगे। पुलिस और सुरक्षाबलों के लिए अलग पास की व्यवस्था होगी, जबकि डिजिटल स्कैनिंग के जरिए प्रवेश नियंत्रित किया जाएगा।
इस तरह अयोध्या का दीपोत्सव धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के साथ-साथ राजनीतिक संदेश और आगामी चुनावी तैयारियों के लिहाज से भी चर्चा में रहने की संभावना है।