प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव में एक मकान के अंदर जमीन के नीचे दबाकर रखे गए तीन नीले ड्रमों से करोड़ों रुपये की नकदी मिलने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, ड्रमों में कपड़े से लपेटकर ₹500 के नोटों की गड्डियां रखी गई थीं। शुरुआती जानकारी में बरामद नकदी पांच करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। नकदी की वास्तविक मात्रा का पता आयकर विभाग की गिनती के बाद ही चल सकेगा।
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर मकान में छापेमारी की। टीम ने घर की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया और खुदाई के दौरान जमीन में दबे तीन ड्रम बरामद किए। करीब साढ़े चार घंटे तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस नकदी को कब्जे में लेकर सील कर अपने साथ ले गई।
मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। इनमें राकेश यादव और उसके भाई बबलू का नाम सामने आया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। आयकर विभाग की टीम को नकदी की गिनती और उससे संबंधित जानकारी जुटाने के लिए लगाया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई और उसे जमीन के नीचे छिपाकर क्यों रखा गया था।
गांव के लोगों के हवाले से बताया जा रहा है कि राकेश यादव कई साल पहले पुणे में अपने बहनोई और साले के साथ रहता था, जहां वह कथित तौर पर एक सर्राफा व्यापारी के यहां काम करता था। कोविड-19 महामारी के दौरान वह गांव लौट आया था।
इसके बाद उसने करीब 22 बीघा जमीन खरीदी और मकान बनवाया। ग्रामीणों के मुताबिक, उसने दो ट्रैक्टर, डीजे और पिकअप वाहन भी खरीदे तथा सीमेंट और सरिया का कारोबार शुरू किया। जमीन, मकान और अन्य संपत्तियों की कीमत को लेकर किए जा रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
बताया जा रहा है कि करीब पांच से छह दिन पहले राकेश यादव का पड़ोस के कुछ लोगों से विवाद हुआ था, जिसके बाद उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसी मामले की जांच के सिलसिले में पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे थे। वहां कथित तौर पर दरोगा और राकेश के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और मकान में छिपाई गई नकदी का पता चला। हालांकि, नकदी मिलने और पहले हुए विवाद के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। आयकर विभाग की जांच के बाद बरामद रकम की कुल मात्रा और उसके स्रोत को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।