अयोध्या के धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद और इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (IICF) को लेकर चंदे के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए हैं। ‘दहेज पर प्रहार’ नामक समाजसेवी संस्था की संचालक रिशा तुफैल और अध्यक्ष हिना चौधरी ने सुन्नी वक्फ बोर्ड तथा IICF के अध्यक्ष जुफर फारूकी पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है।
रिशा तुफैल के मुताबिक, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बाद धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि मस्जिद निर्माण के नाम पर विदेशों से कथित तौर पर मिले करोड़ों रुपये का इस्तेमाल कहां और किस मद में किया गया। उनका दावा है कि प्रस्तावित मस्जिद का नक्शा अयोध्या विकास प्राधिकरण में जमा कराया गया था, लेकिन निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ा।
रिशा तुफैल ने कहा कि जब मस्जिद का नक्शा स्वीकृत होने और निर्माण शुरू होने की स्थिति स्पष्ट नहीं है, तो मस्जिद के नाम पर जुटाई गई धनराशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशों से प्राप्त धन के खर्च का ब्योरा सार्वजनिक नहीं होने से वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने सुन्नी वक्फ बोर्ड की जमीनों को बेचकर कथित तौर पर लाभ कमाने के आरोप भी लगाए और सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इन आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र दस्तावेज या आधिकारिक जांच रिपोर्ट फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद और IICF की वित्तीय गतिविधियों को लेकर उठाए गए इन सवालों पर संबंधित संस्था और जुफर फारूकी का पक्ष सामने आना बाकी है। आरोपों की सत्यता जांच और संबंधित अभिलेखों की पड़ताल के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।