अयोध्या, निर्माणाधीन चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्य के दौरान बरती जा रही सावधानियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, खंडासा थाना क्षेत्र में एक दिन पहले निर्माण कार्य के दौरान श्रमिक की दर्दनाक मौत हुई, जबकि अगले दिन मोहली चौराहे के पास डंपर की चपेट में आने से एक गोवंश की मौत हो गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि परिक्रमा मार्ग का निर्माण करा रही केपीसीएल कंपनी सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रही है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में लगे डंपरों से हादसों का खतरा बना हुआ है। इससे पहले भी इसी मार्ग पर डंपर की चपेट में आने से एक बालिका की मौत होने की बात सामने आई थी।
मार्ग पर मिट्टी ढुलाई में लगे ओवरलोड वाहनों की आवाजाही भी स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बताई जा रही है। आरोप है कि इन वाहनों के कारण सड़क पर धूल उड़ती रहती है, जिससे राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इधर, महात्मा गांधी चौराहे से खंडासा मार्ग तक जाने वाली सड़क पर जगह-जगह करीब तीन फुट तक गहरे गड्ढे होने का दावा किया गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दुर्गा प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा इसी मार्ग से निकलनी है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति और भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई जा रही है।
लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजन के दौरान इस मार्ग पर श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की आवाजाही बढ़ सकती है। ऐसे में गड्ढों को भरने, धूल पर नियंत्रण करने और भारी वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने की जरूरत है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच स्थानीय लोग प्रशासन और संबंधित विभागों से निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने, सड़क की मरम्मत कराने तथा भारी वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, श्रमिक और गोवंश की मौत से जुड़ी ताजा घटनाओं तथा सुरक्षा इंतजामों को लेकर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है।