अयोध्या, विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर 10 अक्टूबर 2026 को महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय, अयोध्या में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव प्रबंधन, पर्याप्त नींद और ध्यान की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। जिला चिकित्सालय के मनोपरामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर बात करना जरूरी है।
समय रहते समस्या को समझना और उचित परामर्श लेना मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मददगार हो सकता है।
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डॉ. आलोक मनदर्शन ने कहा कि आज किशोरों और युवाओं को पढ़ाई का दबाव, करियर की चिंता, रोजगार की चुनौतियां, पारिवारिक मतभेद, रिश्तों में तनाव और नशे के साथ डिजिटल माध्यमों की लत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इन परिस्थितियों का असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। ऐसे में समस्याओं को छिपाने या संकोच करने के बजाय उनके बारे में बात करना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है।
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उन्होंने ध्यान और नींद के महत्व पर चर्चा करते हुए बताया कि नियमित ध्यान मन को स्थिर रखने और तनाव से राहत पाने में सहायक हो सकता है। वहीं, पर्याप्त और नियमित नींद मस्तिष्क को आराम देने, भावनात्मक संतुलन बनाए रखने तथा एकाग्रता बढ़ाने में मदद करती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी दिनचर्या में स्वस्थ आदतों को शामिल करने और मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्व देने की सलाह दी।
सत्र के दौरान डॉ. मनदर्शन ने मस्तिष्क की बीटा, अल्फा, थीटा और डेल्टा तरंगों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मस्तिष्क की विद्युत गतिविधियों का अध्ययन इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राम (ईईजी) जैसी तकनीकों के माध्यम से किया जाता है।
उन्होंने अवसाद, चिंता, घबराहट, अनिद्रा और लगातार तनाव जैसी समस्याओं को नजरअंदाज न करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता, उचित परामर्श और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय उपचार से इन समस्याओं के प्रबंधन में सहायता मिल सकती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. राजीव मिश्र ने की और संयोजन डॉ. रीता जायसवाल ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राम लखन सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डिप्टी डीन सुश्री वीना पांडेय ने प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर असिस्टेंट रजिस्ट्रार अनिल कुमार तिवारी, प्रवीण त्यागी, डॉ. कुमार गौरव और डॉ. सलील पांडेय सहित विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना और उन्हें तनाव प्रबंधन, स्वस्थ दिनचर्या तथा समय पर विशेषज्ञ परामर्श लेने के लिए प्रेरित करना रहा।