अयोध्या में पुलिस की वर्दी पहनकर व्यापारियों, दुकानदारों और राहगीरों पर रौब जमाकर अवैध वसूली करने वाले एक शातिर फर्जी पुलिसकर्मी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कोतवाली अयोध्या पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा। आरोपी के कब्जे से यूपी पुलिस की वर्दी, फर्जी पुलिस पहचान पत्र (ID Card), दो एंड्रॉइड मोबाइल और अवैध रूप से वसूले गए ₹7,500 नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान सत्यम मिश्रा (उम्र 26 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बस्ती जिले के थाना कलवारी क्षेत्र अंतर्गत मिश्रौलिया गांव का निवासी है। आरोपी अयोध्या रेलवे स्टेशन, प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में उत्तर प्रदेश पुलिस के आरक्षी (कांस्टेबल) की पूरी वर्दी पहनकर घूमता था।
आरोपी खुद को असली पुलिसकर्मी बताकर स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों और आम लोगों पर पुलिसिया रौब गालिब करता था। वह चेकिंग और जांच के बहाने लोगों से डरा-धमकाकर रुपयों की वसूली करता था। यही नहीं, उसने एक व्यक्ति को अपने झांसे में लेकर उसका मोबाइल फोन भी हड़प लिया था।
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कोतवाली अयोध्या पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। सूचना मिलने पर 27 सितंबर को परिक्रमा मार्ग स्थित बड़ी छावनी मोड़ के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी की पूरी वर्दी, फर्जी पुलिस पहचान पत्र (Fake Police ID), 2 एंड्रॉइड मोबाइल फोन और अवैध वसूली के ₹7,500 कैश बरामद हुए।
कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी सत्यम मिश्रा ने स्वीकार किया कि वह पुलिस विभाग का कर्मचारी नहीं है और केवल ठगी व अवैध वसूली के मकसद से वर्दी पहनकर घूमता था।
अयोध्या पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।