झारखंड के जमशेदपुर में गुरुवार सुबह गोलमुरी स्थित केनरा बैंक की शाखा में हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े बड़ी डकैती को अंजाम दिया। बैंक खुलने के कुछ ही देर बाद रेनकोट और कैप पहने पांच अपराधी अंदर दाखिल हुए और सुरक्षा गार्ड समेत बैंक कर्मचारियों को हथियार के बल पर बंधक बना लिया।
अपराधियों ने शाखा प्रबंधक को गन प्वाइंट पर लेकर चेस्ट और गोल्ड सेफ खुलवाया और नकदी तथा गोल्ड लोन के एवज में बैंक में रखे ग्राहकों के सोने के आभूषण लेकर फरार हो गए।
पुलिस और बैंक प्रबंधन की शुरुआती जानकारी के अनुसार बड़ी मात्रा में सोना और करीब 40 से 43 लाख रुपये नकद लूटे गए हैं।
ताजा रिपोर्टों के अनुसार अपराधी सुबह करीब 9:10 बजे बैंक खुलने के बाद अंदर पहुंचे। सुरक्षा गार्ड ने संदिग्ध गतिविधि देखकर उन्हें रोकने की कोशिश की तो एक अपराधी ने कथित तौर पर पिस्तौल की बट से उस पर हमला कर दिया। इसके बाद हथियारबंद बदमाशों ने बैंक कर्मचारियों को एक जगह बैठाकर बंधक बना लिया। शाखा प्रबंधक को हथियार के बल पर स्ट्रांग रूम तक ले जाया गया और चेस्ट तथा गोल्ड सेफ खुलवाया गया।
पुलिस और बैंक अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार अपराधी करीब 23 किलो से ज्यादा सोना लेकर फरार हुए हैं। एक ताजा रिपोर्ट में करीब 23 किलो सोना और 43 लाख रुपये नकद का प्रारंभिक आंकड़ा सामने आया है। सोना गोल्ड लोन के बदले ग्राहकों द्वारा बैंक में गिरवी रखे गए आभूषण थे। बैंक अधिकारियों के अनुसार इन आभूषणों का संबंध 100 से अधिक ग्राहकों से हो सकता है और सटीक वजन व कीमत का मिलान किया जा रहा है।
वारदात के बाद पुलिस ने बैंक और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार अपराधियों की गतिविधियां कैमरों में कैद हुई हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक पुलिस ने अपराधियों की तलाश के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और उनकी धरपकड़ के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार वारदात के समय जमशेदपुर में तेज बारिश हो रही थी और अपराधी रेनकोट पहनकर बैंक पहुंचे थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या अपराधियों ने बैंक और आसपास के इलाके की पहले से रेकी की थी। डकैती के बाद अपराधी दो बाइकों से फरार होने की बात सामने आई है। पुलिस शहर से बाहर निकलने वाले रास्तों और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान और लोकेशन का पता लगाने में जुटी है।
इस वारदात को वर्ष 2000 में झारखंड गठन के बाद राज्य में किसी वित्तीय संस्थान में हुई सबसे बड़ी स्वर्ण एवं नकदी डकैती बताया है। हालांकि, कुल लूटी गई रकम और सोने के अंतिम वजन का आधिकारिक मिलान अभी जारी है। इसलिए 36 करोड़ रुपये का आंकड़ा फिलहाल अनुमानित है, जबकि बैंक और पुलिस के अंतिम आकलन के बाद लूट की वास्तविक कीमत स्पष्ट होगी।
पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। फिलहाल अपराधियों की गिरफ्तारी और लूटे गए सोने तथा नकदी की बरामदगी पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। बैंक प्रबंधन भी ग्राहकों के गिरवी रखे सोने का रिकॉर्ड मिलाने में जुटा है।