मेरठ में बैंक कर्मचारी बनकर क्रेडिट कार्ड धारकों से साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जनपदीय साइबर सेल और सदर बाजार पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए शिवांश कुमार शर्मा और अर्जुन टांक को भैंसाली बस स्टैंड के पीछे से पकड़ा।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी क्रेडिट कार्ड धारकों का डेटा हासिल करने के बाद खुद को बैंक कर्मचारी बताकर फोन करते थे और ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने या आकर्षक ऑफर देने का झांसा देते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बातचीत के दौरान ग्राहकों को भरोसे में लेकर उनके व्हाट्सऐप नंबर पर एक लिंक भेजते थे। लिंक खोलकर मांगी गई जानकारी भरने के बाद क्रेडिट कार्ड से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी और ओटीपी आरोपियों तक पहुंच जाता था। इसके बाद आरोपी कार्ड का इस्तेमाल ऑनलाइन खरीदारी के लिए करते और पीड़ितों के साथ ठगी करते थे।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 10 मोबाइल फोन, चार डेबिट कार्ड, दो एनसीएमसी प्रीपेड कार्ड और एक बलेनो कार बरामद की है। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है, ताकि साइबर ठगी से जुड़े अन्य मामलों और संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर 14 साइबर शिकायतें दर्ज मिली हैं। इससे पुलिस को आशंका है कि आरोपी अलग-अलग राज्यों में लोगों को निशाना बना रहे थे।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क, डेटा उपलब्ध कराने वाले लोगों और ठगी से जुड़े अन्य व्यक्तियों की जानकारी जुटाने में लगी है।
पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगी के इस तरीके में बैंक कर्मचारी बनकर फोन करने के बाद कार्ड की लिमिट बढ़ाने, रिवॉर्ड पॉइंट या विशेष ऑफर का लालच दिया जाता है।
ऐसे मामलों में किसी भी अनजान लिंक पर बैंकिंग जानकारी, कार्ड नंबर, सीवीवी या ओटीपी दर्ज करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। मामले में पुलिस की आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।