लंदन, भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल के खिलाफ ब्रिटेन में चल रहे यौन उत्पीड़न मामले में गुरुवार को Southwark Crown Court में सुनवाई हुई। अग्रवाल पर दो महिलाओं से जुड़े यौन उत्पीड़न के चार आरोप हैं। उ
नकी निजी सहायक मनप्रीत कौर पर भी कथित यौन उत्पीड़न में जानबूझकर मदद या उसे बढ़ावा देने के दो आरोप लगाए गए हैं। दोनों आरोपी फिलहाल हिरासत में हैं।
ब्रिटेन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अनुसार, विजय अग्रवाल और मनप्रीत कौर को 11 अगस्त 2026 को लंदन के मेफेयर इलाके में स्थित एक संपत्ति से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद दोनों को अदालत में पेश किया गया और हिरासत में भेज दिया गया। अग्रवाल के खिलाफ लगाए गए चार आरोपों में तीन कथित घटनाएं 9 अगस्त की हैं, जबकि एक आरोप 26 मई की कथित घटना से संबंधित है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 9 अगस्त की एक कथित घटना में अग्रवाल पर एक महिला को उसकी सहमति के बिना यौन तरीके से छूने का आरोप है। यह आरोप ब्रिटेन के Sexual Offences Act 2003 की धारा 3 के तहत दर्ज किया गया है। हालांकि, ये सभी आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं और अग्रवाल को दोषी नहीं माना गया है।
मामले में आरोपी मनप्रीत कौर पर दो आरोप हैं। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि उन्होंने दो महिलाओं को अग्रवाल से मिलवाया और कथित तौर पर एक नौकरी के विज्ञापन के जरिए उन्हें उस संपत्ति तक बुलाया। कौर की जमानत याचिका को 4 सितंबर को Southwark Crown Court ने खारिज कर दिया था और वह भी हिरासत में हैं। अदालत ने उस सुनवाई से संबंधित कुछ विवरणों पर रिपोर्टिंग प्रतिबंध भी लगाया है।
इस मामले में दो अन्य लोगों को भी 11 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। इनमें 23 वर्षीय एक पुरुष और 43 वर्षीय एक महिला शामिल हैं। दोनों को आगे की जांच के लिए जमानत पर रिहा किया गया है। पुलिस की जांच अभी जारी है।
विजय अग्रवाल मेहुल चोकसी के कानूनी मामलों में उनके वकील रहे हैं और उनके प्रत्यर्पण से जुड़े मामले में भी उनका प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। चोकसी भारत में पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े कथित वित्तीय धोखाधड़ी मामले में आरोपी हैं और बेल्जियम में प्रत्यर्पण कार्यवाही का सामना कर रहे हैं। विजय अग्रवाल के खिलाफ लंदन में चल रही यह आपराधिक कार्यवाही चोकसी के मामले से अलग है।
फिलहाल विजय अग्रवाल और मनप्रीत कौर के खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में विचाराधीन हैं। मामले की आगे की सुनवाई और पुलिस जांच के बाद ही आरोपों से जुड़ी स्थिति स्पष्ट होगी।