जल्द ही सितंबर 2026 का महीना शुरू होने वाला है। ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से सितंबर का महीना बेहद खास और दुर्लभ रहने वाला है। इस महीने ग्रहों की विशेष चाल से एक साथ तीन बड़े राजयोग—भद्रा राजयोग, मालव्य राजयोग और लक्ष्मीनारायण राजयोग का त्रिग्रही महासंयोग बन रहा है।
ज्योतिषविदों के अनुसार, ग्रहों के इस दुर्लभ फेरबदल से कुछ विशेष राशियों के जातकों को अपार धन-संपत्ति, करियर में तरक्की और मान-सम्मान की प्राप्ति होगी।
सितंबर 2026 में बनने वाले 3 बड़े राजयोग और तिथियां
भद्रा राजयोग (7 सितंबर 2026): बुद्धि, व्यापार और संवाद के कारक बुध देव अपनी उच्च राशि कन्या में प्रवेश करेंगे, जिससे ‘भद्र महापुरुष योग’ का निर्माण होगा।
लक्ष्मीनारायण राजयोग (7 से 26 सितंबर 2026): कन्या राशि में पहले से मौजूद शुक्र देव के साथ बुध की युति होगी। बुध और शुक्र का यह शुभ मिलन ‘लक्ष्मीनारायण योग’ बनाएगा।
मालव्य राजयोग (18 सितंबर 2026): भौतिक सुखों और वैभव के दाता शुक्र देव अपनी स्वराशि तुला में गोचर करेंगे, जिससे पंचमहापुरुष योगों में शामिल ‘मालव्य योग’ बनेगा।
इन 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, होंगे मालामाल
कन्या राशि: आपकी राशि में बुध के गोचर से भद्रा और लक्ष्मीनारायण योग का सीधा प्रभाव पड़ेगा। अटका हुआ पैसा वापस मिलेगा, बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होगी और समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
तुला राशि: शुक्र के अपनी राशि में आने से आपको मालव्य योग का पूरा लाभ मिलेगा। व्यापार में अचानक बड़ा मुनाफा हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए पदोन्नति और वेतन वृद्धि के योग बन रहे हैं।
मकर राशि: इस राशि के जातकों की लंबे समय से चली आ रही परेशानियां दूर होंगी। विदेश यात्रा या उच्च शिक्षा का सपना पूरा होगा। आय के नए स्रोत बनने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
कुंभ राशि: नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और परिवार में सुख-समृद्धि का माहौल रहेगा।
राजयोग के शुभ प्रभाव बढ़ाने के ज्योतिषीय उपाय
लक्ष्मी-गणेश पूजा: घर के पूजा स्थल पर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित कर नियमित पूजा करें। दान-पुण्य: बुधवार और शुक्रवार को सफेद वस्तुओं जैसे दूध, चावल या सफेद मिठाई का दान करें।
मंत्र जाप: प्रतिदिन “ॐ बुं बुधाय नमः” और “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद” का जाप करें।
(अस्वीकरण: यह खबर धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है।)










