अंबेडकरनगर, जिले में आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की मां की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। शुरुआती जांच में जहां हत्या और लूट की आशंका जताई गई थी, वहीं बाद में पुलिस की ओर से मौत को प्रथम दृष्टया सामान्य और हार्ट अटैक से जुड़ा बताया गया।
इसी बीच मृतका के बेटे आईपीएस आशुतोष मिश्रा के बयानों ने मामले को एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में ला दिया है।
मामला अंबेडकरनगर के रुधा धमरुआ गांव का है। रिपोर्टों के मुताबिक, घर में महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। शुरुआती जानकारी में उनके मुंह से खून निकलने और शरीर से आभूषण गायब होने की बात सामने आई थी। परिस्थितियों को देखते हुए हत्या और लूट की आशंका जताई गई तथा पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच शुरू की थी।
इसके बाद अंबेडकरनगर की पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह की ओर से बताया गया कि प्रथम दृष्टया महिला की मौत सामान्य प्रतीत होती है। पुलिस की ओर से यह भी दावा किया गया कि शरीर से गायब बताए जा रहे आभूषण बरामद कर लिए गए हैं। बाद की रिपोर्ट में पुलिस की ओर से मौत को हार्ट अटैक से जोड़कर देखा गया।
हालांकि, मृतका के बेटे और आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा ने पुलिस के इन दावों पर सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक पोस्टमार्टम के बाद मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है और आगे की जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रखा गया है। उनका यह भी कहना है कि मृतका के शरीर से गायब हुए गहने अभी तक उनके अनुसार बरामद नहीं हुए हैं?
आईपीएस अधिकारी ने पुलिस के जेवर बरामद करने के दावे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस के पास वास्तव में गहने बरामद होने का प्रमाण है, तो उन्हें उनके घर पर कार्रवाई कर आधिकारिक रूप से बरामदगी दिखानी चाहिए। उनके इस बयान के बाद पुलिस की जांच और बरामदगी के दावे को लेकर विवाद और गहरा गया है।
पुलिस अधीक्षक (SP) प्राची सिंह ने अपने बयान में कहा था कि प्रथम दृष्टया मौत सामान्य प्रतीत हो रही है और शरीर से गायब हुई ज्वैलरी को बरामद कर लिया गया है। हालांकि, आईपीएस आशुतोष मिश्रा ने पुलिस प्रशासन के दोनों ही दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे सरासर गलत बताया।
उनका कहना है कि पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है और बिसरा सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा, मृतका के शरीर से गायब गहने भी अब तक बरामद नहीं हुए हैं।
दरअसल, घटना के शुरुआती दौर में जिस तरह मृतका के शरीर से आभूषण गायब मिलने और मुंह से खून निकलने की जानकारी सामने आई थी, उससे हत्या और लूट की आशंका ने जोर पकड़ा था। पुलिस ने भी शुरुआत में इसी दिशा में जांच की थी।
बाद में पुलिस की ओर से मौत को स्वाभाविक बताते हुए हार्ट अटैक की बात सामने आने से मामले की दिशा बदल गई। लेकिन आईपीएस बेटे के बयान और पोस्टमार्टम को लेकर सामने आई अलग-अलग जानकारियों ने पूरे मामले में नया विवाद खड़ा कर दिया है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि महिला की मौत का वास्तविक कारण क्या था और गायब बताए गए आभूषणों का सच क्या है। पोस्टमार्टम, बिसरा जांच और पुलिस की विस्तृत विवेचना के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी। ऐसे में जब तक आधिकारिक जांच पूरी नहीं होती, हत्या या स्वाभाविक मौत को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।









