गोरखपुर, ऑनलाइन गेम में लाखों रुपये गंवाने और कर्ज बढ़ने के बाद 11वीं कक्षा के एक छात्र ने अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रच दी।
छात्र ने पिता से एक लाख रुपये की फिरौती वसूलने के लिए AI की मदद से आंख फूटने जैसी खौफनाक तस्वीर तैयार की और सार्वजनिक वाई-फाई के जरिए पिता के मोबाइल पर व्हाट्सऐप से फिरौती का संदेश भेज दिया।
पुलिस ने महज करीब सवा दो घंटे में छात्र को संतकबीरनगर से सुरक्षित बरामद कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
मामला संतकबीरनगर जिले के धनघटा क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। छात्र एक व्यापारी का बेटा है और 11वीं कक्षा में पढ़ता है। बताया गया कि उसे ऑनलाइन गेम खेलने की लत थी। गेम खेलते हुए वह लाखों रुपये हार गया था। पॉकेट मनी खत्म होने के बाद उस पर कर्ज भी बढ़ता चला गया।
कर्ज चुकाने और पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए छात्र ने अपने पिता से एक लाख रुपये ऐंठने की योजना बनाई। योजना के तहत वह घर से निकला और अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया, ताकि परिजन उससे संपर्क न कर सकें।
इसके बाद छात्र ने AI की मदद से ऐसी तस्वीर तैयार की, जिसमें उसकी आंख फूटी हुई दिखाई गई। उसने यह तस्वीर अपने पिता को भेजी। इसके साथ ही सार्वजनिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते हुए व्हाट्सऐप के जरिए पिता को एक लाख रुपये की फिरौती का संदेश भेजा।
बेटे की तस्वीर देखकर पिता घबरा गए और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिकरीगंज थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने तत्काल सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से छात्र की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस ने छात्र के मोबाइल और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की। करीब सवा दो घंटे के भीतर पुलिस ने संतकबीरनगर से छात्र को सुरक्षित बरामद कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि छात्र ने ऑनलाइन गेम में पैसे गंवाने के बाद कर्ज चुकाने के लिए अपने अपहरण का पूरा स्वांग रचा था। पुलिस ने AI से बनाई गई तस्वीर और फिरौती के संदेश समेत मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की।
वहीं, यह मामला ऑनलाइन गेमिंग की लत और युवाओं पर इसके आर्थिक एवं मानसिक प्रभाव को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।










