सावन माह और कांवड़ यात्रा के दौरान नियमों के उल्लंघन पर उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। वाराणसी में मीट बेचने वाले दुकानदारों से 49 हजार रुपये और मुजफ्फरनगर में डीजे के नियम तोड़ने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
वाराणसी नगर निगम ने श्रावण मास में मीट (मांस) की बिक्री पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की।
वाराणसी नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के निर्देश पर सोमवार तक लल्लापुरा, नई सड़क, चौकाघाट और शिवपुर क्षेत्र में मीट बेच रहे दुकानदारों से कुल 49 हजार रुपये जुर्माना वसूला जा चुका है। उन्होंने बताया कि अन्य दुकानदारों को भी सख्त चेतावनी दी गई है।
श्रीवास्तव ने बताया कि कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को देखते हुए प्रशासन ने सावन के दिनों में शहर में मीट की दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया था। उन्होंने बताया कि नगर निगम की टीम लगातार गश्त कर रही है और नियम तोड़ने वालों पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
उधर मुजफ्फरनगर पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार से लाए जा रहे एक डीजे का चालान किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार ने बताया कि उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर डीजे की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि ऊंचाई, लंबाई और आवाज तय सीमा से अधिक होने पर उसे आगे नहीं जाने दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उसे निर्धारित नियमों का पालन करने पर ही जाने दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने पर ‘कश्यप’ नाम के डीजे ऑपरेटर का चालान करके 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। उन्होंने बताया कि जांच में डीजे की ऊंचाई, लंबाई और आवाज निर्धारित मानक से अधिक पाई गई।
एसएसपी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान नियमों के अनुसार डीजे की ऊंचाई 12 फुट और लंबाई 10 फुट होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मानकों के अनुसार ठीक करने के बाद ही डीजे को आगे जाने की अनुमति दी जा रही है।
Muzaffarnagar Police fined a Kanwar Yatra DJ vehicle ₹50,000 after it was found violating prescribed height, width and sound norms. The vehicle was allowed to proceed only after complying with safety guidelines.#Muzaffarnagar pic.twitter.com/q0mveiXRyM
— Amit Kr Saini (@editoramitsaini) August 3, 2026










