अयोध्या, अंगूरी बाग (प्राथमिक पाठशाला के समीप) में रविवार को नगर निगम के प्रवर्तन दल द्वारा चलाए गए अभियान के दौरान एक बड़ी त्रासदी सामने आई है। कार्रवाई के दौरान ठेले पर पानी और मुसम्मी बेचने वाले बिहार निवासी दीपक कुमार (मुकेश सोनकर) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
इस दुखद घटना के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है और स्थानीय जनता का गुस्सा प्रशासन पर फूट पड़ा है।
मृतक की पत्नी ने बिलखते हुए प्रवर्तन दल पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि डी. के. सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने उनके पति को डंडा लेकर दौड़ाया, जिससे घबराकर गिर जाने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि मृतक दिल की बीमारी (हार्ट पेशेंट) से पीड़ित थे और इसी ठेले के जरिए अपने तीन छोटे-छोटे बच्चों और परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। पत्नी ने रो-रोकर न्याय की गुहार लगाते हुए कहा, “हमारा ठेला पूरी तरह तहस-नहस कर दिया गया, जिससे हमारी आजीविका छिन गई और पूरी गृहस्थी उजड़ गई है।
घटना के बाद पुलिस का कहना है कि उन्हें मामले की त्वरित सूचना नहीं दी गई थी, अन्यथा शव का पोस्टमार्टम कराकर मौत के सटीक कारणों का पता लगाया जाता। वहीं दूसरी ओर, इस घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक तरफ गरीब पटरी दुकानदारों पर यह क्रूर कार्रवाई की जा रही है, जबकि रामपथ रोड स्थित विधायक परिवार की हीरो एजेंसी द्वारा किए गए खुलेआम अतिक्रमण पर प्रवर्तन दल चुप्पी साधे हुए है।
जनता में भारी आक्रोश के बीच जब मामले का पक्ष जानने के लिए अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन नहीं उठा। पीड़ित परिवार ने दोषी कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और आर्थिक मुआवजे की मांग की है।
अयोध्या से आया ये समाचार बेहद दुखद है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान ठेले पर पानी बेचने वाले बिहार निवासी दीपक कुमार की मौत हो गई। उनकी पत्नी का आरोप है कि प्रवर्तन दलवालों ने डंडा लेकर दौड़ाया था जिसके बाद गिरकर उनके पति की मौत हो गई। पुलिस कह रही है कि उन्हें घटना की सूचना… pic.twitter.com/jZUbTFPxX4
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 2, 2026










