अयोध्या, तहसील रुदौली में न्यायालयों से पारित आदेशों के खतौनी पर समय से अमलदरामद न होने तथा लेखपालों की लेखपाल कक्ष में अनुपस्थिति को लेकर अधिवक्ताओं एवं वादकारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
इस समस्या के संबंध में बार एसोसिएशन रुदौली के अध्यक्ष चौधरी अजीमुद्दीन के नेतृत्व में अधिवक्ता उपजिलाधिकारी को उनके चेम्बर में मिलकर समस्याओं से अवगत कराया और शीघ्र समाधान की मांग की।
अध्यक्ष चौधरी अजीमुद्दीन व पूर्व महामंत्री वेद तिवारी ने बताया कि न्यायालयों से पारित आदेशों के बावजूद खतौनी पर अमलदरामद की प्रक्रिया समय से पूरी नहीं हो पा रही है, जिससे वादकारियों को अनावश्यक रूप से तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
धारा 116 के अंतर्गत पारित आदेश के बाद पत्रावली ठन्डे बस्ते में डाल दी जाती है। इसके अतिरिक्त उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार सप्ताह में दो दिन तहसील स्थित लेखपाल कक्ष में बैठने की व्यवस्था होने के बावजूद लेखपाल नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो रहे हैं।
इससे अधिवक्ताओं एवं आम नागरिकों को आवश्यक जानकारी और कार्यों के निष्पादन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। न्यायालयों के आदेशों के क्रियान्वयन में हो रही देरी से लोगों को न्याय मिलने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। साथ ही लेखपालों की अनुपस्थिति के कारण छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी संतोष कुमार ने आश्वासन दिया कि खतौनी पर लंबित अमलदरामद के कार्यों को गति देने के लिए सोमवार से दो लेखपालों की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि अमलदरामद का कार्य युद्ध स्तर पर कराया जाएगा ताकि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण हो सके।
साथ ही संबंधित लेखपालों को निर्देशित कर दिया गया है कि वे निर्धारित समय में तहसील स्थित लेखपाल कक्ष में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, जिससे अधिवक्ताओं एवं वादकारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
तहसील प्रशासन के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं एवं वादकारियों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही समस्याओं का समाधान होगा और कार्य प्रणाली में सुधार देखने को मिलेगा।
इस दौरान अजय यादव, गोरखनाथ तिवारी, नेहाल अतहर, रमेश तिवारी, रविन्द्र तिवारी, द्वारिका विश्वकर्मा, इम्तिराज आज़म आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।










