बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन संचालित एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में परिवर्तन किया गया है। अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।
आदेश के अनुसार अब प्रत्येक वर्ष 20 मई से 24 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। 25 जून से विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन प्रारंभ होगा। यह व्यवस्था वर्ष 2026 से प्रभावी होगी।
पूर्व में यह अवकाश 20 मई से 15 जून तक होता था। पिछले कुछ वर्षों में हीट वेव के कारण जिलाधिकारी स्तर से अवकाश आगे बढ़ाना पड़ता था, जिसके दृष्टिगत शासन ने प्रदेश स्तर पर एकरूपता के लिए यह निर्णय लिया है।
ग्रीष्मावकाश के बाद पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो सके, इसके लिए 22, 23 एवं 24 जून को सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को विद्यालय में उपस्थित रहना होगा। इन तीन दिनों में लेसन प्लान बनाना, मिड डे मील की तैयारी, पाठ्य पुस्तक वितरण की तैयारी, विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक, बाल वाटिका की तैयारी, परिसर, रसोई एवं शौचालय की साफ-सफाई, खेल सामग्री की उपलब्धता, स्मार्ट क्लास/आईसीटी लैब को क्रियाशील रखना, बिजली एवं पेयजल की व्यवस्था आदि कार्य पूर्ण करने होंगे।
प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यालयों में शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक योगाभ्यास सुनिश्चित किया जाएगा। आरटीई एक्ट के अंतर्गत परिभाषित शैक्षिक सत्र के अनुसार वर्ष में कम से कम 220 दिन पठन-पाठन अवश्य कराया जाए। जिलाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर अवकाश घोषित करने से पहले इस विधिक प्रावधान को ध्यान में रखने के निर्देश दिए गए हैं।











