अयोध्या, पंजीकरण एवं निबन्धक विभाग उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी शासनादेश के विरोध में तहसील रुदौली के दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प विक्रेताओं, कम्प्यूटर ऑपरेटरों एवं मुंशियों का लगातार दूसरे दिन कार्य बहिष्कार व धरना जारी रखते हुए आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
दस्तावेज लेखक संघ तहसील रुदौली पंजीकरण एवं निबन्धक विभाग द्वारा जारी पत्रांक संख्या 2523/ई पंजीकरण/2026 दिनांक 04 जून 2026 के माध्यम से विशिष्ट एवं निजी संस्थाओं द्वारा दस्तावेजों के पंजीकरण की व्यवस्था लागू किए जाने के विरोध में लगातार दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार व धरना जारी रहा।
दस्तावेज लेखक/अधिवक्ता नितिन कुमार गुप्ता ने कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने से प्रदेश भर में तहसीलों से जुड़े अधिवक्ताओं बैनामा लेखकों स्टाम्प विक्रेताओं, कम्प्यूटर ऑपरेटरों तथा मुंशियों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि लाखों लोग प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से पंजीकरण कार्य से जुड़े हुए हैं यदि निजी संस्थाओं को यह कार्य सौंपा जाता है तो बड़ी संख्या में लोगों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो जाएगा।
दस्तावेज लेखक संघ का कहना है कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य रोजगार सृजन करना होना चाहिए, जबकि यह व्यवस्था रोजगार छीनने का कारण बन सकती है।इस व्यवस्था के विरोध में संघ ने लगातार दूसरे दिन कार्य बहिष्कार करते हुए धरना देकर मांग की है कि उक्त आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
उपनिबंधक दीप्ति शुक्ला ने बताया कि सोमवार व मंगलवार को एक भी दस्तावेज रजिस्ट्री के लिए नहीं पेश हुई। इस मौके पर सुशील कुमार गुप्ता त्रिभवन निषाद, अता हुसैन, विष्णु देव मिश्रा, राजकुमार गोस्वामी, मोहम्मद ज़फ़र,मो0 फैजान सहित तहसील रुदौली के अधिवक्ता दस्तावेज लेखक स्टाम्प विक्रेता कम्प्यूटर ऑपरेटर मौजूद रहे।










