ओमान के मसिराह आइलैंड (Masirah Island) के पास 24 भारतीय चालक दल (Crew Members) वाले एक मर्चेंट शिप MT MARIVEX में भीषण आग लग गई है, जिसके बाद वह समुद्र में डूब रहा है। इस घटना में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब जहाज के चालक दल द्वारा भेजे गए संदेशों में दावा किया गया कि उन पर अमेरिकी नौसेना (US Navy) द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया था।
ओमान के मसिराह द्वीप के निकट समुद्र में तेल टैंकर MT MARIVEX में आग लगने के बाद हड़कंप मच गया। जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार बताए जा रहे हैं। संकटग्रस्त जहाज से आपातकालीन SOS संदेश भेजा गया, जिसके बाद समुद्री सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं।
ओमान के तट के पास भारतीय टैंकर MV Marivex में हमले के बाद आग…24 भारतीय क्रू बचाए गए pic.twitter.com/g73O0wr3yp
— Kadambini Sharma (@SharmaKadambini) June 8, 2026
सोशल मीडिया पर कुछ पोस्टों में दावा किया गया है कि जहाज पर अमेरिकी नौसेना ने हमला किया, लेकिन इस दावे की अभी तक किसी आधिकारिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है। अमेरिकी नौसेना, भारत सरकार और ओमान के अधिकारियों की ओर से घटना के कारणों को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हाल के महीनों में कई व्यापारी जहाज हमलों और सुरक्षा घटनाओं का शिकार हुए हैं। ओमान के तटीय इलाकों और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास समुद्री यातायात पर लगातार खतरा बना हुआ है।
मौजूदा स्थिति और भारत सरकार के आधिकारिक रुख से जुड़ी मुख्य बातें
भारत सरकार का आधिकारिक बयान: भारत के जहाजरानी मंत्रालय (MoPSW) के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट किया है कि भारत सरकार अभी “तथ्यों का पता लगाने” (ascertaining facts) की प्रक्रिया में है। जब उनसे सीधा सवाल किया गया कि क्या जहाज पर कोई मिसाइल या ड्रोन हमला हुआ था, तो उन्होंने कहा कि अभी इस बात की “सटीक और अंतिम जानकारी” जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अमेरिकी नौसेना पर आरोप का आधार: अमेरिकी नौसेना द्वारा हमला किए जाने की बात मुख्य रूप से जहाज के चालक दल (क्रू मेंबर्स) द्वारा संकट के समय भेजे गए शुरुआती आपातकालीन SOS संदेशों और ऑडियो रिकॉर्डिंग पर आधारित है, जिसे नाविकों के संघ (Seafarers Union) ने भी साझा किया था।
क्षेत्र में अत्यधिक तनाव: यह घटना पश्चिम एशिया में चल रहे बेहद संवेदनशील भू-राजनीतिक तनाव (Strait of Hormuz के दक्षिण में) के बीच हुई है, जहां अमेरिकी नौसेना और क्षेत्रीय ताकतों की गतिविधियां काफी बढ़ी हुई हैं।










