अयोध्या में 29 मई का दिन राम मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। राम मंदिर परिसर में स्थित मां भगवती मंदिर के शिखर पर विधि-विधान के साथ ध्वजारोहण किया गया।
राम मंदिर आंदोलन की प्रमुख वक्ता साध्वी ऋतंभरा और साध्वी निरंजन ज्योति ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ध्वज फहराया। इससे पहले यज्ञशाला में विशेष पूजा-अर्चना और हवन का आयोजन किया गया, जिसमें ध्वज का पूजन भी संपन्न हुआ।
ध्वजारोहण समारोह में विश्व हिंदू परिषद की दुर्गा वाहिनी की 3000 से अधिक सदस्याओं सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह भक्तिमय और उत्साहपूर्ण रहा। इस अवसर पर साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि 22 जनवरी 2024 को पांच सौ वर्षों के संघर्ष, तपस्या और बलिदान के बाद राष्ट्र के स्वाभिमान की पुनः प्रतिष्ठा हुई।
उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े संतों, कारसेवकों और बलिदानी परिवारों को नमन करते हुए नई पीढ़ी से सनातन संस्कृति और मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि वर्षों के संघर्ष के बाद राम मंदिर का सपना साकार हुआ है।
उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर को सौभाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मां भगवती मंदिर पर ध्वजारोहण करना उनके लिए गर्व का विषय है। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने भी इसे अविस्मरणीय पल बताया।










