नई दिल्ली, भारत के लिए लगभग 2.70 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आ रहा ‘मप्र प्रूडेंस’ नाम का विशाल तेल टैंकर बेहद मुश्किल माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सफलतापूर्वक पार कर चुका है।
यह तेल टैंकर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के लिए चार्टर किया गया है और इसके 3 जून 2026 तक विशाखापत्तनम पहुंचने की उम्मीद है।
सरकार रख रही है पल-पल की नजर केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण जरूर हैं, लेकिन इसमें कोई भारतीय नाविक शामिल नहीं है।
मंत्रालय लगातार विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े पक्षों के साथ मिलकर हालात पर पैनी नजर बनाए हुए है। सरकार के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं और पिछले 96 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज या भारतीय क्रू वाले विदेशी जहाज के जुड़े कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है।
सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम डीजी शिपिंग लगातार इस पूरे क्षेत्र में समुद्री हालात की निगरानी कर रहा है। कंट्रोल रूम को प्रतिदिन क्रू की सुरक्षा के लिए करीब 10,841 कॉल और 24,098 से ज्यादा ईमेल प्राप्त हुए हैं। पिछले 96 घंटों में ही 539 कॉल और 1,353 ईमेल नाविकों, उनके परिवारों और समुद्री हितधारकों की ओर से मिले हैं, जिनका तुरंत निपटारा किया गया है।
सरकार अब तक खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से 3,422 से ज्यादा भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर चुकी है, जिनमें पिछले 96 घंटों में लौटे 47 नाविक भी शामिल हैं। इसके अलावा, युद्धग्रस्त सूडान से भी ‘ऑपरेशन कावेरी’ के तहत भारतीय दूतावास ने करीब 3,591 भारतीय नागरिकों को पड़ोसी देशों के जरिए सुरक्षित निकालने में मदद की है।
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में कच्चे तेल और अन्य आवश्यक सामानों की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी कोई किल्लत नहीं है।
विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में हो रही घटनाओं पर लगातार नजर रख रहा है और भारतीय समुदाय व जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।










