अयोध्या, नवागत जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के पहले रुदौली दौरे ने स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्थाओं की पोल खोल दीं। सीएचसी रुदौली के निरीक्षण के दौरान ऐसा नज़ारा सामने आया जिसने अधिकारियों से लेकर ग्रामीणों तक को हैरान कर दिया।
डीएम ने पूरे अस्पताल परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया तो हर तरफ अव्यवस्थाओं का अंबार दिखाई दिया। निरीक्षण की सूचना मिलते ही आनन-फानन में सफाई कराई गई, लेकिन हड़बड़ी में अस्पताल परिसर के अंदर ही कूड़ा जला दिया गया।
जला कूड़ा, शौचालय व भारी गंदगी देखकर डीएम का गुस्सा फूट पड़ा और मौके पर मौजूद जिम्मेदारों को तत्काल सुधार करने के लिए निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली तस्वीर तब सामने आई जब एक-एक बेड पर दो से तीन मरीज लेटे मिले। इस दौरान अस्पताल की बदहाल व्यवस्था देखकर स्थानीय लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा।भारी संख्या में पहुंचे लोगों ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपते हुए स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए।
स्थानीय निवासी पवन राजपूत ने डीएम के सामने खुलकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएमओ आम लोगों की शिकायतें सुनने तक को तैयार नहीं हैं और नंबर तक ब्लॉक कर देते हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से कुछ डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस के वीडियो वायरल होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। साथ ही मरीजों को लगातार बाहर की महंगी दवाइयां और महंगी जांचें लिखी जा रही हैं।
डीएम के इस अचानक निरीक्षण ने सीएचसी रुदौली की व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात होगी कि इस निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग पर क्या कार्रवाई होती है और ग्रामीणों की शिकायतों को कितना निस्तारण होता है।
