रूस ने बुधवार को यूक्रेन के करीब 20 क्षेत्रों पर 800 ड्रोन से बड़ा हमला किया, जिसमें कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और बच्चों सहित कई लोग घायल हो गए।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इसे चार साल से जारी युद्ध में सबसे बड़े हमलों में से एक बताया।
यह हमला राजधानी कीव, पोलैंड के पास स्थित पश्चिमी शहर लीव और काला सागर के बंदरगाह शहर ओडेसा समेत कई इलाकों में घंटों तक जारी रहा।
जेलेंस्की ने कहा कि रूस का मकसद यूक्रेन की हवाई रक्षा प्रणाली पर दबाव बढ़ाना है। उन्होंने आशंका जताई कि ड्रोन हमलों के बाद क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइल हमले भी हो सकते हैं।
हमलों से पड़ोसी देशों में भी चिंता बढ़ी है। हंगरी के प्रधानमंत्री पीटर माज्यार ने सीमा के पास ड्रोन हमले के बाद रूसी राजदूत को तलब करने की घोषणा की और रूस की कार्रवाई की निंदा की।
कीव में ड्रोन का मलबा एक खुले इलाके में गिरा, जबकि पश्चिमी रिवने क्षेत्र में तीन लोगों की मौत हो गई।
लगातार हमलों के बीच जेलेंस्की ने कहा कि दुनिया को रूस के युद्ध पर चुप नहीं रहना चाहिए, क्योंकि इससे मॉस्को और अधिक आक्रामक हो सकता है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संकेत दिया कि युद्ध समाप्ति के करीब हो सकता है, हालांकि दोनों ने इसके ठोस कारण नहीं बताए।
रूस के राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने दोहराया कि रूस चाहता है कि यूक्रेन डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिजिया क्षेत्रों से अपनी सेना हटाए।
वहीं, जेलेंस्की ने कहा कि वह रूस पर दबाव बनाए रखेंगे। हाल के महीनों में यूक्रेन की ड्रोन तकनीक और लंबी दूरी के हमलों ने रूस के अंदर ऊर्जा और सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचाया है, जबकि रूस की जमीनी बढ़त धीमी पड़ती दिखाई दे रही है।
