उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य में इस साल 5,000 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और 60,000 से अधिक सहायकों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है। उन्हें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जोड़ा गया है। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के तहत 3 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं को हर साल 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जा रहा है।
गत वर्ष भी हम लोगों ने 19,424 आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों और 3,077 सहायक आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए थे। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रही और कहीं से भी कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई।
— मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी pic.twitter.com/iJ6ebr9HUq
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) March 30, 2026
पुरानी व्यवस्था पर निशाना, पारदर्शिता का दावा
सीएम योगी ने 2017 से पहले की व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि पोषण पूरक वितरण में गड़बड़ी होती थी और लाभार्थियों तक सुविधाएं नहीं पहुंच पाती थीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर पारदर्शिता सुनिश्चित की है और अब नियुक्तियां पूरी तरह योग्यता के आधार पर हो रही हैं।
डिजिटल निगरानी और स्मार्टफोन वितरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि पोषण और बाल विकास कार्यक्रमों को डिजिटल बनाया जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन दिए जाएंगे, जिससे रियल टाइम डेटा कलेक्शन संभव होगा और योजनाओं की निगरानी बेहतर हो सकेगी।
शिक्षा और आंगनवाड़ी का एकीकरण
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत भी अहम भूमिका निभाएंगे। 3-5 साल के बच्चों के लिए प्री-प्राइमरी कक्षाएं यहीं संचालित होंगी। साथ ही, प्राथमिक शिक्षा विभाग के 27,000 केंद्रों को आंगनवाड़ी नेटवर्क में जोड़ा जाएगा।
नए केंद्रों का निर्माण और परियोजनाओं का उद्घाटन
सीएम योगी ने बताया कि 137 करोड़ रुपए की लागत से नए आंगनवाड़ी केंद्र बनाए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान 313 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया गया। उन्होंने आंगनवाड़ी, आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान इन अग्रिम पंक्ति के कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कीं।

