दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से जारी छात्र आंदोलन और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने बड़ा ऐलान करते हुए वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को देश का नया शिक्षा मंत्री नियुक्त किया है।
प्रल्हाद वेंकटेश जोशी भारतीय राजनीति का एक जाना-माना और अनुभवी चेहरा हैं। 27 नवंबर 1962 को जन्मे प्रल्हाद जोशी वर्तमान में केंद्र सरकार में उपभोक्ता खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के पास अब कुल चार विभाग (मंत्रालय) हैं: शिक्षा मंत्रालय (अतिरिक्त प्रभार), उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय।
इससे पहले 2019 से 2024 तक वह केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री, कोयला मंत्री और खान मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
प्रल्हाद जोशी का जन्म मैसूर राज्य के बीजापुर में हुआ था। उनके पिता रेलवे कर्मचारी थे। जोशी की शुरुआती पढ़ाई रेलवे स्कूल और हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल से हुई, जिसके बाद उन्होंने हुबली के श्री कडासिद्धेश्वर आर्ट्स कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले वे पेशे से एक इंडस्ट्रियलिस्ट थे।
कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े प्रल्हाद जोशी पहली बार तब राष्ट्रीय सुर्खियों में आए, जब उन्होंने 1992 से 1994 के दौरान कर्नाटक के हुबली स्थित ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने के लिए बड़ा आंदोलन चलाया।
इसके अलावा उन्होंने ‘कश्मीर बचाओ आंदोलन’ का भी सफल नेतृत्व किया। संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें पहले धारवाड़ जिला भाजपा अध्यक्ष और बाद में 2014-2016 कर्नाटक भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।
प्रल्हाद जोशी कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने पहली बार 2004 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की थी और इसके बाद से वे लगातार 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 के चुनावों में भारी मतों के अंतर से जीतकर संसद पहुंचते रहे हैं।










