भीटी के मदारभारी गांव निवासी बृजभान सिंह गांधी आश्रम के रंगाई विभाग में मैनेजर थे और वर्ष 2014 में सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद वे गांधी आश्रम में ही अपनी पत्नी मालती, पुत्र उमाशंकर, बहू सोनी सिंह और दो पोतों सानिध्य (12) व सामर्थ्य (10) के साथ रह रहे थे। सोनी सिंह (35) सेंट जेवियर्स स्कूल में शिक्षिका थीं।
सोमवार को सोनी का व्रत था, इसलिए सुबह का नाश्ता तैयार कर बच्चों को स्कूल भेजने के बाद वे रसोई में परिजनों के लिए खाना बना रही थीं। इसी दौरान उन्होंने अपनी सास मालती सिंह को बाजार से व्रत का सामान लाने भेजा था। जब मालती देवी सामान लेकर लौटीं तो रसोई में सोनी का शव खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था। उनकी गर्दन के पिछले हिस्से पर धारदार हथियार से गहरा प्रहार किया गया था।
शोर सुनकर परिसर के अन्य लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। घटना की सूचना मिलते ही एसपी अभिजीत आर शंकर, एएसपी हरेंद्र कुमार, सीओ सिटी नीतीश तिवारी और कोतवाल श्रीनिवास पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अचार काटने वाली एक हंसिया बरामद की है, जिस पर खून के धब्बे मौजूद थे। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
घटना के समय ससुर बृजभान सिंह सिम कार्ड लेने बाजार गए थे। जैसे ही उन्हें हत्या की जानकारी मिली, उनके होश उड़ गए। दोपहर में जब दोनों बच्चे, सानिध्य और सामर्थ्य स्कूल से लौटे, तो अपनी मां की मौत की खबर सुनकर दादा-दादी से लिपटकर बिलख-बिलख कर रोने लगे।
आरोपी उमाशंकर सिंह पूर्व में भाजपा का मंडल मीडिया संयोजक रह चुका है। पुलिस ने जब उसे हिरासत में लिया, तो वह खुद को बेगुनाह बताते हुए कहता रहा कि घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं था और हत्या किसी और ने की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार उमाशंकर का अपनी पत्नी सोनी सिंह के साथ काफी समय से विवाद चल रहा था। दोनों के बीच अक्सर मारपीट होती थी और पूर्व में कोतवाली में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें भी दर्ज कराई गई थीं।
फिलहाल, पुलिस शक के आधार पर पति को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा।